बलरामपुर जिले के रामानुजगंज में कन्हर नदी पर बने एनिकट का गेट खुलने के कारण पूरे स्टॉप डेम का पानी बह गया

Chhattisgarh Crimesबलरामपुर जिले के रामानुजगंज में कन्हर नदी पर बने एनिकट का गेट खुलने के कारण पूरे स्टॉप डेम का पानी बह गया। कन्हर नदी के एनिकट में करीब 4 फुट पानी था, जो चार दिनों में पूरा खाली हो गया।

जल संसाधन विभाग के EE ने एनिकट के गेट को क्षतिग्रस्त कर पानी बहाने की शिकायत रामानुजगंज थाने में की है। एनिकट का पानी बह जाने से नगर पालिका रामानुजगंज में जल संकट की स्थिति बन सकती है।

गेट में रखे गए रेत भरे बोरों अज्ञात लोगों ने हटाए

छत्तीसगढ़ और झारखंड की सीमा निर्धारित करने वाली कन्हर नदी पर बने एनिकट में 15 मई तक करीब 4 फुट पानी था। नगर पंचायत रामानुजगंज के फिल्टर प्लांट को पेयजल सप्लाई के लिए आसानी से पानी मिल जा रहा था।

कन्हर नदी का बहाव कम होने के बाद भी कन्हर एनिकट में पानी रुका था, लेकिन इस अज्ञात तत्वों ने कन्हर नदी के एनिकट के गेट में रखे गए रेत भरे बोरों को हटा दिया।

4 दिनों में खाली हो गया एनिकट

स्थानीय लोगों ने बताया कि कन्हर के एनिकट का गेट गई सालों से खराब स्थिति में है। पिछले साल लाखों रुपए खर्च कर कन्हर के एनिकट को विभाग ने ठीक कराने की कोशिश की थी, लेकिन गेट पूरी तरह से नहीं बन सके। पानी रोकने के लिए एनिकट के गेट में रेत भरे बोरे रखे गए थे, जिससे पानी का बहना कम हो गया था।

अज्ञात तत्वों ने एनिकट का पानी रोकने रखे गए बोरों को हटा दिया, जिसके बाद तेजी से एनिकट का पानी बहने लगा। कन्हर का पानी कम हुआ तो लोग बड़ी संख्या में मछली पकड़ने के लिए पहुंच गए। आशंका है कि मछली पकड़ने के लिए कन्हर एनिकट के गेट से छेड़छाड़ की गई थी। मछली पकड़ने के लिए पानी में जहर भी डाल दिया गया था, जिससे मछलियां मर गईं।

EE ने थाने में की शिकायत

जल संसाधन के EE एनपी डहरिया ने कहा कि अज्ञात तत्वों ने एनिकट के गेट से छेड़छाड़ की गई है, जिसके कारण पूरा पानी बह गया है। मामले की शिकायत रामानुजगंज थाने में की गई है। मामले में FIR दर्ज की जाएगी।

नपा में जल संकट गहराने का आशंका

नगर पालिका रामानुजगंज में 25 हजार आबादी को पेयजल की सप्लाई एनिकट के ऊपर बने फिल्टर प्लांट से की जाती है। एनिकट का पानी बह जाने के बाद आनन-फानन में नगर पालिका ने कन्हर नदी के रेत में गड्ढा खुदवाया है।

नगर पालिका रामानुजगंज के अध्यक्ष रमन अग्रवाल ने कहा कि एनिकट का पानी बह जाने से नगर पालिका की पेयजल सप्लाई प्रभावित हो सकती है। इसके लिए नगर पालिका द्वारा अतिरिक्त व्यवस्था की जा रही है। हालांकि हर वर्ष कन्हर में गड्ढा खोदना पड़ता है।

रमन अग्रवाल ने कहा कि इस साल कन्हर एनिकट में पानी था तो जरूरत के हिसाब से पानी मिल सकता था, लेकिन पानी बह जाने से पानी की औसत सप्लाई कम हो जाएगी। इसके लिए नगर पालिका को एक्स्ट्रा खर्च भी करना होगा।

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