भाजपा के प्रदेश कार्यालय के बाहर मंगलवार को डीएड अभ्यर्थियों ने जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि शिक्षा विभाग ने आधे डीएड अभ्यर्थियों को नियुक्ति दे दी, जबकि बाकी को नजरअंदाज कर दिया गया है। उन्होंने 300 से अधिक रिक्त पदों पर छठवें चरण की काउंसलिंग 1:2 अनुपात में कराकर नियुक्ति देने की मांग की है।बताया कि शिक्षा विभाग द्वारा सहायक शिक्षक के 6285 पदों पर भर्ती प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेशों के अधीन की जा रही थी। कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद अब तक केवल पांच चरणों में 3979 पदों पर ही नियुक्ति दी गई है, जबकि 2300 से अधिक पद अब भी खाली हैं। इनमें से 984 पद निर्विवाद रूप से रिक्त हैं और पंचम चरण की काउंसलिंग के बाद भी 1316 पद भरे नहीं जा सके।
यहां अटकी है प्रक्रिया
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि पंचम चरण की काउंसलिंग में कई अपात्र अभ्यर्थी शामिल हुए, क्योंकि मेरिट सूची में वे नाम भी थे, जिनके पास डीएड की आवश्यक योग्यता नहीं थी। इसके कारण वास्तविक पात्र अभ्यर्थी बाहर रह गए और सीटें रिक्त रहीं।