पाकिस्तान ने भले ही सीजफायर का ऐलान कर दिया है लेकिन केंद्रीय गृह मंत्रालय अभी भी हर तरह के हालात से निपटने के लिए तैयार है। यही कारण है कि बीजापुर के कर्रेगुट्टा में पिछले 18 दिन से जारी ऑपरेशन के बीच से जवान लौटने लगे हैं। केंद्रीय अद्धसैनिक बल के जवानों की वापसी हो रही है। सीआरपीएफ के जवानों को मुख्यालय लौटने के निर्देश दिए गए हैं।
कर्रेगुट्टा ऑपरेशन को फिलहाल अस्थाई रूप से बन्द
पिछले दिनों केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने पैरामिलिट्री फोर्सेस के अफसरों की बैठक लेते हुए अपने जवानों को मुख्यालय में रखने के निर्देश दिए थे ताकि किसी भी आपात स्थिति के लिए जवान तैनात रहें। भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर का ऐलान कर दिया गया है फिर भी जवान लौट रहे हैं। सभी जवान रविवार सुबह तक बीजापुर जिला मुख्यालय तक पहुंच जाएंगे। बताया जा रहा है कि कर्रेगुट्टा ऑपरेशन को फिलहाल अस्थाई रूप से बन्द कर दिया गया है।
भीषण गर्मी में जारी था सबसे बड़ा नक्सल ऑपरेशन
छत्तीसगढ़-तेलंगाना बॉर्डर पर पिछले 18 दिनों से देश का सबसे बड़ा नक्सल ऑपरेशन चल रहा था। इस ऑपरेशन में 10 हजार से ज्यादा जवान शामिल थे। सीआरपीएफ समेत एसटीएफ, डीआरजी, बस्तर फाइटर के जवान नक्सलियों से लोहा ले रहे थे। इन 18 दिनों में 4 महिला नक्सलियों के मारे जाने की भी पुष्टि की गई। इसके अलावा कई बड़े नक्सल लीडर ऑपरेशन में घायल भी हुए हैं।
एक दिन पहले ही नक्सलियों ने युद्ध विराम की घोषणा की थी
Karregutta Naxal Operation: नक्सलियों प्रवक्ता जगन ने शुक्रवार को प्रेस नोट जारी करते हुए युद्ध विराम का ऐलान किया था। छह महीने तक युद्ध विराम किए जाने की घोषणा की गई है। पहले नक्सली दोनों ओर से युद्ध विराम करने की बात कह रहे थे। इस बार उन्होंने अपनी ओर से इसकी घोषणा कर दी है। दरअसल जगन ने तेलुगु भाषा मे प्रेस नोट जारी किया है। पत्र में लिखा गया है कि हम चाहते हैं कि आने वाले 6 महीने में शांतिवार्ता की स्थिति बने। इसलिए हम युद्ध विराम कर रहे हैं।