भिलाई नगर निगम भिलाई में शुक्रवार को बजट पास होने के बाद सामान्य सभा आयोजित की गई थी। इस सामान्य सभा को सभापति की गलती से संक्षेपिका ना मिलने से स्थगित करनी पड़ी। इस दौरान सत्ता और विपक्ष के पार्षदों ने जमकर हंगामा कर दिया। उप नेता प्रतिपक्ष दया सिंह ने अधिकारियों को भ्रष्ट तक कह डाला, इससे सभी अधिकारी संघ ने हड़ताल कर डाला और काली पट्टी लगाकर विरोध प्रदर्शन किया।
अधिकारी कर्मचारी संघ ने निगम आयुक्त राजीव पाण्डेय से इसकी शिकायत की। शिकायत के बाद राजीव पाण्डेय ने निगम सभागार में सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की बैठक बुलाई। उन्होंने वार्ड 44 के भाजपा पार्षद और उप नेता प्रतिपक्ष के आरोप पर नाराजगी जताई। उन्होंने इसकी शिकायत संभागायुक्त से भी करने की बात कही है।
आपको बता दें कि भिलाई निगम के सभागार में सुबह 11 बजे निर्धारित समय पर सामान्य सभा की बैठक शुरू हुई थी। इसके बाद भाजपा पार्षदों ने सदन में आरोप लगाया कि सामान्य सभा की बैठक से 7 दिन पहले उन्हें संक्षेपिका और पारित होने वाले प्रस्तावों की डिटेल देनी चाहिए। उसको ना देने से वो प्रस्ताव पर चर्चा नहीं कर पाएंगे।सभापति बंटी गिरवर साहू ने अपनी गलती मानी और सामान्य सभा को स्थगित कर दिया। इस दौरान सत्ता और विपक्ष के पार्षदों ने सदन में जमकर हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान दया सिंह ने कहा इसमें अधिकारियों की गलती है। उन्होंने अधिकारियों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए उन्हें जेल तक भेजने की बात कह डाली। इसके बाद इसे लेकर जमकर हंगामा हुआ। मामला बढ़ता देख सभापति ने राष्ट्रगान गाना शुरू करा दिया और सभा को 7 दिन के लिए स्थगित कर दिया।
नेता प्रतिपक्ष और उप नेता प्रतिपक्ष सदन के अंदर भिड़े
निगम के अधिकारियों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाने पर नेता प्रतिपक्ष भोजराज सिन्हा भड़क गए। उन्होंने इसका विरोध किया। इस पर उप नेता प्रतिपक्ष भी आवेश में आ गए। दोनों ने सदन के अंदर ही झगड़ा शुरू कर दिया। इसके बाद जैसे ही सामान्य सभा स्थगित हुई दोनों पार्षद फिर भिड़ गए और उनके बीच झूमा झटकी तक की स्थिति निर्मित हो गई। बाद में वहां मौजूद पार्षद, महेश वर्मा, विनोद सिंह, पीयुष मिश्रा व अन्य ने बीच बचाव कर उन्हें शांत कराया।
अधिकारियों ने कहा पार्षद ने अभद्र भाषा का किया उपयोग
संघ के नेता और नगर निगम के अधिकारी शरद दुबे ने बताया कि वार्ड 44 के पार्षद द्वारा बार-बार निगम कर्मचारियों और अधिकारियों को भ्रष्ट कहा जा रहा है। उन्हें जेल भेजने की धमकी दी जा रही है। ये पूरी तरह से गलत है। उन्होंने कहा कि किसी के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाने के लिए प्रमाणिक दस्तावेजों की जरूरत होती है, केवल बयानबाजी से किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। पार्षद ने सदन के अंदर अर्यादित शब्दों का उपयोग किया है। इसकी शिकायत निगम आयुक्त और सभागायुक्त से की जाएगी। निगम के सभी अधिकारी कर्मचारी इसके विरोध में काली पट्टी लगाकर निगम मुख्यालय विरोध किया है।
दया ने कहा जो कहा सही कहा, नहीं मांगे माफी
अपने बयान को लेकर माफी मांगने के सवाल पर वार्ड 44 के पार्षद और उप नेता प्रतिपक्ष भिलाई निगम दया सिंह ने कहा कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं कहा है। पार्षद ने कहा, “प्रदेश में सरकार द्वारा ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जा रही है और जो भी भ्रष्टाचार में लिप्त होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई जरूर होगी। मैंने सदन में केवल यही कहा है, यह गलत कैसे हो सकता है? यदि कोई अधिकारी कर्मचारी भ्रष्टाचार में लिप्त नहीं है, तो उसे डरने की जरूरत नहीं है।
पूर्व सभापति ने कहा सभापति ने कराया निगम का बड़ा नुकसान
भिलाई निगम के पूर्व सभापति राजेंद्र अरोरा वैशाली नगर विधायक के प्रतिनिधि के रूप में सामान्य सभा में बैठे थे। उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस पार्षदों की संख्या कम थी। इसलिए मनमाने तरीके से प्रस्ताव पास नहीं हो पाते। उन्होंने कहा कि सभापति ने जानबूझ कर ऐसी गलती की है कि उन्हें सामान्य सभा को स्थगित करना पड़ा। उनके इस निर्णय से नगर निगम को 3 लाख रुपए से अधिक का नुकसान हुआ है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा सभापति ने किया गलत
निगम के नेता प्रतिपक्ष भोजराज सिन्हा ने कहा कि सामान्य सभा स्थगति करने का अधिकार सभापति को है, लेकिन ये सामान्य सभा जो भंग हुआ है वो सभापति की गलती से हुई है। उन्हें यह पता करना था कि सभा के सात दिन के अंदर सभी पार्षदों को प्रस्तावों का एजेंडा मिला या नहीं, लेकिन ऐसा नहीं किया गया, जिससे सदन को भंग करना पड़ा। उप नेता प्रतिपक्ष से झड़प को लेकर उन्होंने कहा कि ऐसा कुछ नहीं हुआ है। निगम में कई बार किसी मुद्दे को लेकर तेज आवाज में बोलना पड़ता है। झगड़े वाली बात पूरी तरह से गलत है।