आंबेडकर अस्पताल के चिकित्सकों ने रात दो बजे चार महीने की गर्भवती की सफल एंजियोप्लास्टी कर न सिर्फ महिला बल्कि उसके गर्भ में पल रहे शिशु को भी नया जीवन दिया। महिला को हाई रिस्क प्रेग्नेंसी थी। इससे पहले उसका दो बार अबॉर्शन हो चुका था। इसलिए ये केस डॉक्टरों के लिए काफी पेचिदा था।लेकिन रात 1 से 2 बजे के बीच एसीआई (एडवास्ड कॉर्डियक इंस्टिट्यूट ) की टीम व गायनेकोलॉजी विभाग के डॉक्टरों ने इस जटिल केस को सुलझा लिया। अक्षय तृतीया पर बने इस संयोग के कारण परिजनों ने राहत की सांस ली है।
प्लेसेंटा प्रिविया से ग्रसित थी महिला
एसीआई के कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. स्मित श्रीवास्तव ने बताया कि 40 वर्षीय मरीज को हाई रिस्क प्रेग्नेंसी थी। प्लेसेंटा प्रिविया (प्लेसेंटा द्वारा गर्भाशय ग्रीवा को अवरुद्ध करने से होने वाला गंभीर रक्तस्त्राव) की समस्या के साथ छाती के दाहिने हिस्से में बहुत ज्यादा दर्द हो रहा था।
100 फीसदी ब्लाॅकेज का केस
डॉक्टरों ने बताया कि मंगलवार की दरम्यानी रात करीब 1 से 2 बजे के बीच आंबेडकर अस्पताल स्थित स्त्री एवं प्रसूति विभाग में रेफर में एक गर्भवती को निजी अस्पताल से रेफर किया गया। उसकी छाती में भयंकर दर्द था। जहां से केस को कार्डियोलॉजी विभाग में ट्रांसफर किया गया।