*क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं को लेकर भूख हड़ताल में बैठे जिला पंचायत सदस्यों को मिला ग्रामीणों का समर्थन*
*समस्याओं के निराकरण की राह ताकते थक चुके है जब तक मांग पूरी नही होगी तब तक जारी रहेगा आंदोलन – संजय* *नेताम*
पूरन मेश्राम/मैनपुर।गरियाबंद जिला पंचायत सदस्य संजय नेताम एवं लोकेश्वरी नेताम ने अपने द्वारा दिये गये पूर्व चेतावनी के अनुरूप आज बुधवार 4 जून से क्षेत्रीय मूलभूत समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर एसडीएम दफ्तर के सामने भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। उनके समर्थन में आज दर्जनो ग्राम के ग्रामीणों ने समर्थन देते हुए मांँगो के निराकरण के लिए आवाज बुलंद किया है। जिला पंचायत सदस्यों द्वारा धरना प्रदर्शन शुरू किये जाने की जानकारी लगते ही एसडीएम मैनपुर पंकज डाहिरे एवं एसडीओपी पुलिस विकास पाटले तत्काल धरना स्थल पहुंँचे इस दौरान हड़ताल खत्म करने एवं आदोलनकारियों को मनाने हर संभव प्रयास किया उन्होने मंजूर हो चुके कार्यो की लंबी लिस्ट भी दिखाई एसडीएम ने बताया कि जितनी मांँगे कि गई है उसमे ज्यादातर मांँगो का शासकीय स्तर पर प्रकिया जारी है एवं कई मांँग शासन स्तर को प्रेषित भी की जा चुकी है। अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे जिला पंचायत सदस्य श्रीमती लोकेश्वरी नेताम और संजय नेताम द्वारा पुल पुलियों के निर्माण, विद्युतीकरण, शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण को लागू न करने, सलफ जलाशय की पूर्णता, स्वास्थ्य केंद्रों में स्टॉफ सेटअप व भवन, अन्य शासकीय भवनों व स्कूल, आश्रमों के नवीनीकरण, सिकासार के पानी को कोडार बांध न ले जाकर स्थानीय किसानों को लाभ दिलाने एवं वन ग्राम को राजस्व ग्राम बनाने जैसी मांँग प्रमुखता से शामिल हैं। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य संजय नेताम ने कहा कि जो कार्यवाही के सूची प्रशासन दिखा रही है वो बहुत पुरानी है। जिस स्थिति में आदेश निर्देश और टेंडर की प्रकिया हुई थी, आज भी वही है। क्षेत्र में पुल-पुलिया के अभाव में बारिश के सीजन में 50 से 60 गांव के ग्रामीणों का जीना दूभर हो जाता है। स्कूल और आश्रम भवन जर्जर पड़े हैं मांग और फिर आश्वासन यह लंबे समय से चला आ रहा जमीनी स्तर पर काम नहीं दिख रहा लंबे समय से आवेदन निवेदन कर समस्याओ के निराकरण की राह देख रहे थे अब तक हुआ कुछ नही अब जब तक मांँगे पूरी नही हो जाती तब तक आंदोलन जारी रहेगा। जिला पंचायत सदस्य लोकेश्वरी नेताम ने कहा कि मेरे निर्वाचित क्षेत्र बूढ़गेलटप्पा गांव से होकर 132 केवी बिजली का तार गुजरा है, लेकिन गांव में बिजली नहीं पहुंँची है। जुगाड़ थाने के कैंप में बिजली है पर गांव में नहीं है। गोना क्षेत्र के 10 से ज्यादा गांव ऐसे हैं जहां विधानसभा चुनाव के समय बिजली खंभा उतारा गया। बताया गया कि अब बिजली लगाए जा रहे, लेकिन दर्जनों गांव में अब भी अंधेरा है। मूलभूत समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों की तकलीफ और उनके संपर्क में रहने वाले हम लोग समझ सकते हैं। अब कोई छलावा नहीं सहेंगे। जब तक काम धरातल में नहीं दिखेगा भूख हड़ताल जारी रहेगा। इस दौरान अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन में प्रमुख रूप से वरिष्ठ समाजसेवी पूरन मेश्राम, हरिश्वर पटेल, गुंजेश कपिल, रूखन लाल नाग, मोतीलाल सोरी, सुगंध्द राम, बंशीलाल, गैंदू यादव जिला अध्यक्ष यादव समाज, पारेश्वर नेताम, प्रताप सिंह मरकाम, गगन नेगी, लोकेश सांडे, सोपसिंह, पिलाराम, लालचंद, विशेषर नागेश, लिकेश यादव, फरस राम ओंटी, अमरू नेताम, गौतम कुमार, पंतग कुमार मरकाम, गुलशन मरकाम, जैतराम, तनवीर राजपूत, बिसाहू सिन्हा, लक्ष्मण कश्यप, रेवती यादव, नूतन कुमार, हेमलाल बारले, गजेन्द्र नेगी, विरेन्द्र राजपूत, डिगेश्वरी सांडे, राजकुमारी गुमान सिंह कपिल, सियाराम ठाकुर, पवन जगत, लिकेश यादव, खेलन दिवान, अहमद बेग, टिकम सिंह मरकाम, दिनेश नेताम, राम भरोसा सहित बड़ी संख्या मे ग्रामीण शामिल हुए।