
मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर के मुताबिक, वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के साथ दक्षिण-पश्चिम उत्तरप्रदेश से लेकर तमिलनाडु तक एक ट्रफ लाइन बनी हुई है। बारिश के इन दोनों स्ट्रॉन्ग सिस्टम के एक्टिव होने से छत्तीसगढ़ में आंधी-बारिश की स्थिति बन रही है। बुधवार को 41.8 डिग्री के साथ बिलासपुर सबसे गर्म रहा।
रायपुर में पारा 41 डिग्री के पार
14 मई को रायपुर में टेम्प्रेचर 41.1 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग ने आज भी रायपुर में दिन का तापमान 41 डिग्री और रात का तापमान 29 डिग्री के आस-पास रहने की संभावना जताई है। वहीं बुधवार को रायपुर में न्यूनतम तापमान 29.3 डिग्री रहा जो औसत से 1.4 डिग्री ज्यादा था।
बिलासपुर रहा सबसे गर्म
बुधवार को बिलासपुर सबसे गर्म रहा। यहां दिन का पारा 41.8 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 29.3 डिग्री रहा यह सामान्य से 2 डिग्री अधिक था। वहीं बिलासपुर संभाग के मुंगेली जिले में दिन का पारा 40.8°C, रायगढ़ में 39.8 °C गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही में 39.8 डिग्री रहा।
बस्तर संभाग में 3 दिन अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर के मुताबिक, वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) और टर्फ के कारण बस्तर संभाग के जिलों में अगले 3 दिन आंधी-बारिश जैसे हालात रहेंगे। पिछले 24 घंटे में तोकापाल में 40 मिलीमीटर और जगदलपुर में 20 मिलीमीटर बारिश हुई।
बुधवार को जगदलपुर में अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री रहा। जो सामान्य के करीब 5 डिग्री कम था। वहीं न्यूनतम तापमान 23.8 डिग्री रहा।
दुर्ग में पारा 40 डिग्री के पार
बुधवार को दुर्ग में अधिकतम तापमान 40.8 डिग्री रहा वहीं न्यूनतम तापमान 25.4 डिग्री रहा। मौसम विभाग के मुताबिक दुर्ग संभाग के जिलों में अभी दिन का तापमान ऐसा ही रहेगा।
मई में अंधड़-बारिश, यह पुराना ट्रेंड
मई में हो रही बारिश कोई नई बात नहीं है। आमतौर पर मई में तेज बारिश और अंधड़ की स्थिति बनती ही है। कई बार मई की शुरुआत में कुछ सिस्टम बनने के कारण प्रदेश में बारिश और तेज अंधड़ के एक-दो स्पैल आते हैं। इससे मई के पूरे महीने में अच्छी बारिश हो जाती है।
वैसे पिछले एक दशक में रायपुर में मई के महीने में सबसे ज्यादा बारिश 2021 में 93.2 मिमी रिकॉर्ड की गई थी। उस दौरान 24 घंटे में 57 मिमी बारिश 10 मई 2021 को दर्ज की गई थी।
मई में सिस्टम बनने पर समुद्र से आने वाली हवा तेजी के साथ आगे बढ़ती हैं। इससे अंधड़ की स्थिति बनती है। 25 मई के बाद इस तरह की स्थितियां ज्यादा रहती हैं, उसी से मौसम में बदलाव की शुरुआत होती है।