छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के ग्राम बरबसपुर में प्रस्तावित शराब दुकान को लेकर विरोध पर बैठे ग्रामीणों के सामने ही पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने आबकारी अधिकारी को फोन पर ही खरी खोटी सुनाई

Chhattisgarh Crimesछत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के ग्राम बरबसपुर में प्रस्तावित शराब दुकान को लेकर विरोध पर बैठे ग्रामीणों के सामने ही पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने आबकारी अधिकारी को फोन पर ही खरी खोटी सुनाई। उन्होंने अधिकारी को धमकाते हुए कहा कि बरबसपुर में कोई दारू की दुकान नहीं खुलेगी।

उन्होंने कहा ‘बेवजह चर्चा कर रहा हूं, बेवकूफ यहां गांव की महिलाएं रात-दिन भूखी-प्यासी बैठी हुई हैं। कांग्रेस विधायक का भाई होगा, कोई तोप नहीं। अगर दुकान खोलने की कोशिश की तो सोच लेना क्या अंजाम होगा।’ ऐसा कहते हुए वीडियो भी सामने आया है।

इस मामले में आबकारी मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि अभी तक दुकान खोलने का कोई निर्णय नहीं हुआ था, आबकारी विभाग की टीम केवल संभावित जगह देखने गई थी।

अब जानिए पूरा मामला

यह विवाद तब शुरू हुआ जब शुक्रवार (31 जुलाई) को बरबसपुर में शराब दुकान खोलने आबकरी विभाग के अधिकारी निरीक्षण के लिए पहुंचे थे। जानकारी मिलते ही गांव की महिलाओं सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने प्रस्तावित दुकान के सामने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।

विरोध को देखते हुए आबकारी विभाग की टीम वापस लौट गई। दो दिन बाद रविवार (2 अगस्त) को ग्रामीणों के बुलावे पर पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल भी मौके पर पहुंचे और आंदोलनकारियों का समर्थन किया।

धरना स्थल पर जयसिंह अग्रवाल ने चेतावनी दी कि बरबसपुर में किसी भी कीमत पर शराब दुकान नहीं खुलने दी जाएगी और जरूरत पड़ने पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

पूर्व मंत्री ने धरने के दौरान ग्रामीणों के सामने ही आबकारी अधिकारी राकेश राठौर से फोन पर बात की और नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की भावनाओं के खिलाफ कोई फैसला बर्दाश्त नहीं होगा।

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