गरियाबंद वन विभाग में भाई-भतीजावाद

बिना वैकेंसी बेटे-बेटियों की भर्ती,आदिवासी युवाओं का मारा गया हक
युवा कांग्रेस का बड़ा खुलासा,अधिकारी अपने रिश्तेदारों को रख रहे संविदा पर,मंत्री-DFO से जांँच की मांँग, नहीं तो उग्र आंदोलन।

पूरन मेश्राम/मैनपुर।गरियाबंद जिले के वन विभाग में नियमों को ताक पर रखकर बड़े पैमाने पर भाई-भतीजावाद किए जाने का मामला सामने आया है। ब्लॉक युवा कांँग्रेस मैनपुर ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

युवा कांँग्रेस का आरोप है कि वन मंडल गरियाबंद और उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के सरकारी दफ्तरों में कोई वैकेंसी निकाले बिना ही अधिकारियों द्वारा अपने बेटे,बेटी और रिश्तेदारों को नौकरी में रखा जा रहा है।
आदिवासी युवाओं के साथ अन्याय
ब्लॉक युवा कांग्रेस अध्यक्ष सोहन नागेश पूर्व अध्यक्ष शाहिद मेमन, युवा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तनवीर राजपूत और आदिवासी कांग्रेस के ब्लाक अध्यक्ष दुलेन्द्र नेगी ने कहा कि आदिवासी बहुल क्षेत्र में स्थानीय पढ़े-लिखे बेरोजगार युवाओं को नजरअंदाज कर विभागीय अधिकारी अपने परिवार के सदस्यों को संविदा और दैनिक वेतन भोगी के रूप में नियुक्त कर रहे हैं।
नेताओं ने कहा ये सीधे तौर पर क्षेत्रीय बेरोजगारों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। विभाग में पारदर्शिता के नाम पर कुछ नहीं है। योग्य आदिवासी युवाओं का हक मारा जा रहा है।

मंत्री और उच्च अधिकारियों को भेजा पत्र
युवा कांग्रेस ने इस संबंध में वन मंत्री केदार कश्यप,मुख्य वन संरक्षक, DFO गरियाबंद शशिगानंद और उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक वरूण जैन को पत्र भेजकर मामले की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांँग की है।
अविलम्ब जांच नहीं हुई तो आंदोलन
युवा कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही अवैध नियुक्तियों को रद्द कर निष्पक्ष जांच नहीं की गई तो वे सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करेंगे। स्थानीय युवाओं में भी इस मामले को लेकर भारी आक्रोश है।

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