
सांसद का आरोप है कि दोनों अधिकारियों का जनप्रतिनिधियों के प्रति रवैया ठीक नहीं था। वे न तो फोन उठाते थे और न ही जनहित से जुड़े मामलों में मांगी गई जानकारी मुहैया कराते थे। वहीं, मामले में लोकसभा सचिवालय ने राज्य शासन से जवाब तलब किया है।
दैनिक भास्कर डिजिटल से फोन पर बातचीत में विजय बघेल ने कहा कि शिकायत किसी एक मामले को लेकर नहीं, बल्कि लंबे समय से अधिकारियों के काम करने के तरीके को लेकर की गई है। दोनों अधिकारी जनप्रतिनिधियों को कोई जवाब नहीं देते थे और मनमाने तरीके से काम कर रहे थे।
बता दें कि रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल भी स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया पर विशेषाधिकार हनन का आरोप लगा चुके हैं। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष को शिकायत पत्र सौंपा था। आरोप है कि फोन पर बातचीत के दौरान अमित कटारिया ने उनसे ‘जो करना है कर लो’ कहा और मिसबिहेव किया।
बिना टेंडर कराए कराए गए विकास कार्यों का आरोप
सांसद विजय बघेल ने आरोप लगाया कि नगर निगमों में कई विकास कार्य बिना टेंडर प्रक्रिया पूरी किए शुरू कर दिए गए और बाद में उनका भुगतान भी कर दिया गया। इसके बाद औपचारिक रूप से टेंडर प्रक्रिया पूरी की गई। जब इन मामलों की जानकारी मांगी गई तो अधिकारियों ने कोई जवाब नहीं दिया।
फोन तक नहीं उठाते थे अधिकारी
विजय बघेल ने कहा कि कई बार फोन करने पर भी अधिकारी कॉल रिसीव नहीं करते थे। उनका आरोप है कि केंद्र सरकार की योजनाओं, विशेषकर स्वच्छता अभियान और 15वें वित्त आयोग की राशि से जुड़े कार्यों में भी अनियमितताएं हुईं।
कई बार टेंडर जारी किए गए, फिर रद्द कर दिए गए और दोबारा प्रक्रिया शुरू की गई। इन मामलों में सवाल पूछने पर भी कोई सहयोग नहीं मिला।