भिलाई में पुलिस ने अपहरण और डकैती के मामले में फरार चल रहे एक और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया

Chhattisgarh Crimesभिलाई में पुलिस ने अपहरण और डकैती के मामले में फरार चल रहे एक और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान 19 वर्षीय सिद्धार्थ उर्फ सिद्धू देवदास के रूप में हुई है। इस मामले की शिकायत बालोद जिले के रहने वाले करण कुमार कुर्रे ने दर्ज कराई थी।

उन्होंने बताया था कि 2 जुलाई 2026 की रात वह अपने परिचित दिव्य बदी के साथ मोटरसाइकिल और एक्टिवा से भिलाई-3 की ओर जा रहे थे। इसी दौरान सुपेला के गदा चौक के पास कुछ युवकों ने मदद करने का बहाना बनाकर उन्हें रोक लिया। यह मामला सुपेला थाना क्षेत्र का है।

इसके बाद आरोपी दोनों को जबरन सेक्टर-6 स्थित साईं मंदिर के पीछे बने एक सुनसान और खंडहरनुमा क्वार्टर में ले गए। वहां उनके साथ मारपीट की गई और धारदार हथियार दिखाकर डराया गया। आरोपियों ने दोनों के पास से चांदी की अंगूठियां, ब्रेसलेट, नगदी और मोबाइल फोन लूट लिए।

पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने पीड़ितों के मोबाइल का इस्तेमाल कर उन्हें धमकाते हुए ऑनलाइन भी पैसे अपने परिचित के खाते में ट्रांसफर कराए। वारदात के बाद आरोपियों ने पीड़ितों को दूसरी जगह छोड़ दिया और उनकी एक्टिवा लेकर फरार हो गए। बाद में लूटी गई रकम और सामान आपस में बांट लिया।

एक नाबालिग भी था शामिल

इस मामले में सुपेला थाना पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच के दौरान पहले ही कई आरोपियों और एक नाबालिग को पकड़ा जा चुका है। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन, एक्टिवा स्कूटी और धारदार हथियार समेत कई सामान भी पहले ही जब्त कर लिए थे।

जांच के दौरान फरार चल रहे आरोपी सिद्धार्थ उर्फ सिद्धू देवदास की तलाश लगातार की जा रही थी। पुलिस को मुखबिर से उसके बारे में सूचना मिली, जिसके आधार पर उसे हिरासत में लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि लूटा गया रियलमी मोबाइल बेचने के लिए उसने दूसरे आरोपी को दे दिया था। वहीं, लूट में मिले पैसे उसने खर्च कर दिए।

बाहरी लोगों को बनाते थे निशाना

पुलिस का कहना है कि आरोपी और उसके साथियों ने बाहरी लोगों को आसान निशाना बनाया। पहले मदद का भरोसा दिलाया, फिर उन्हें सुनसान जगह ले जाकर मारपीट की और हथियार के दम पर लूट की वारदात को अंजाम दिया।

इसके बाद मोबाइल से ऑनलाइन पैसे भी ट्रांसफर कराए ताकि ज्यादा से ज्यादा रकम हासिल की जा सके। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसे न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

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