
पुलिस ने नाबालिगों के पालकों के खिलाफ भी कार्रवाई की। पालकों को बच्चों को वाहन नहीं देने और सड़क सुरक्षा नियमों का पालन कराने की समझाइश दी गई।
एसपी के निर्देश पर जिलेभर में जांच अभियान
पुलिस अधीक्षक किरण गंगाराम चव्हाण के निर्देश पर यातायात पुलिस के साथ सभी थाना और चौकी क्षेत्रों में नाबालिग वाहन चालकों की जांच की जा रही है। नाबालिगों के वाहन चलाते पाए जाने पर उनके पालकों के खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।
नाबालिगों को वाहन देने से पहले उम्र और लाइसेंस जांचने की अपील
एसपी चव्हाण ने अभिभावकों से कहा है कि नाबालिग बच्चों को वाहन न दें। वाहन देने से पहले उनकी उम्र और वैध ड्राइविंग लाइसेंस की अनिवार्यता का ध्यान रखें।
7 अगस्त को 118 वाहन चालकों पर कार्रवाई
अभियान के तहत 7 अगस्त को जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में यातायात नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों पर कार्रवाई की गई। मोटरयान अधिनियम के तहत कुल 118 प्रकरण दर्ज किए गए और 38,500 रुपए का समन शुल्क वसूला गया।
बिना हेलमेट और सीट बेल्ट के सबसे ज्यादा मामले
कार्रवाई में बिना हेलमेट वाहन चलाने के 12, बिना सीट बेल्ट के 5, मालवाहक वाहन में सवारी बैठाने के 2 और वाहन चलाते समय मोबाइल का इस्तेमाल करने का 1 मामला शामिल है। अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन के 89 प्रकरण दर्ज किए गए।
शराब पीकर वाहन चलाने वाले 2 चालकों पर कार्रवाई
शराब पीकर वाहन चलाने वाले दो चालकों के खिलाफ न्यायालय में प्रकरण पेश किए गए। दोनों मामलों में कुल 20 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया गया। यातायात प्रभारी नवीन बोरकर ने बताया कि शराब पीकर वाहन चलाने वाले दोनों चालकों के लाइसेंस निलंबित कराने के लिए परिवहन विभाग को पत्र भेजा जा रहा है।
पहली बार 3 महीने का निलंबन, दोबारा पकड़े जाने पर लाइसेंस रद्द
नियमों के अनुसार पहली बार शराब पीकर वाहन चलाते पकड़े जाने पर ड्राइविंग लाइसेंस तीन महीने के लिए निलंबित किया जाता है। दोबारा पकड़े जाने पर लाइसेंस निरस्त करने का प्रावधान है।