
जांच में सामने आया कि आरोपी अपने बैंक खाते इस्तेमाल करने के बदले 2 हजार से 15 हजार रुपए तक कमीशन लेते थे। इसके लिए वे अपना बैंक खाता और उससे जुड़ी पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक और सिम कार्ड दूसरे लोगों को उपलब्ध कराते थे। पुलिस के अनुसार, कई मामलों में ये सामान एजेंटों के जरिए साइबर ठगी करने वाले लोगों तक पहुंचाया जाता था।
साइबर ठगी का पैसा पहले इन खातों में आता था। इसके बाद रकम को दूसरे बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया जाता था। इस तरह ठगी के पैसों को अलग-अलग खातों में घुमाया जाता था, ताकि पुलिस के लिए पैसों का असली स्रोत पता करना मुश्किल हो जाए।
सुपेला से 10 और भिलाई नगर से 3 गिरफ्तार
सुपेला थाना पुलिस ने 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें अनिरुद्ध बेसरा, डिकेश साहू उर्फ गोल्डी, संदीप खन्ना, दिलबाग सिंह, शिव कुमार, सुमीत कुमार, रेहान कुरैशी, ललीत कुमार, भोज कुमार देवांगन और धनेश्वर यादव शामिल हैं। वहीं भिलाई नगर थाना पुलिस ने अमित कुमार, गोपी सोनी और प्रीति उपाध्याय को गिरफ्तार किया है।
बंधन और पंजाब नेशनल बैंक के खातों का इस्तेमाल
पुलिस की जांच में पता चला कि सुपेला इलाके में बंधन बैंक से जुड़े 10 बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी के पैसों के लेन-देन में किया गया। वहीं भिलाई नगर क्षेत्र में पंजाब नेशनल बैंक से जुड़े 3 खातों का इस्तेमाल हुआ। इन सभी खातों में 10 लाख रुपए से ज्यादा की संदिग्ध रकम का ट्रांजेक्शन मिला है।
मोबाइल, पासबुक और एटीएम कार्ड जब्त
पुलिस ने आरोपियों के पास से पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक, सिम कार्ड, मोबाइल फोन और दूसरे जरूरी दस्तावेज जब्त किए हैं। पुलिस अब इन खातों में हुए लेन-देन की आगे जांच कर रही है। साथ ही उन लोगों और एजेंटों की भी तलाश की जा रही है, जिन्होंने इन खातों को साइबर ठगी में इस्तेमाल करने के लिए लिया था।