
रिपोर्ट के अनुसार 12 जनवरी 2026 को दोपहर करीब 1:30 बजे की घटना है। पीड़िता अपनी नानी के घर से पैदल लौट रही थी। विवेकानंद स्टेडियम के पास सेवा भारतीय मातृ छाया के पास पहुंचने पर नाबालिग ने पीड़िता को फोन कर कहा कि झुमका दीदी बुला रही हैं।
इसके बाद नाबिलग और आरोपी वाहन (एक्सेस CG-04-QR-5864) लेकर आए। जान-पहचान होने के कारण पीड़िता उनके साथ बैठ गई, लेकिन उसे झुमका दीदी के घर नहीं ले जाकर आरोपी के घर सड्डू ले जाया गया। किशोर करीब 3 बजे वाहन लेकर वहां से चला गया। घर में कोई और नहीं था।
आरोपी ने पीड़िता के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए। उसने पीड़िता का मोबाइल भी बंद कर दिया और नशे में सो गया। पीड़िता 13 जनवरी सुबह करीब 5 बजे कुंडी खोलकर घर से भाग निकली और पैदल करीब 9 बजे अपने घर पहुंची। उसने मां को पूरी बात बताई। उसके बाद रिपोर्ट दर्ज हुई।
पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
सरस्वती नगर थाने में अपराध क्रमांक 16/2026 दर्ज किया गया। इसमें भारतीय न्याय संहिता की कई धाराएं और पॉक्सो एक्ट की धारा-4 लगाई गई। पीड़िता और उसकी मां की सहमति लेकर 13 जनवरी को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) रायपुर में मेडिकल टेस्ट कराया गया।
15 जनवरी को न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने पीड़िता का बयान दर्ज कराया गया। 18 मार्च 2026 को आरोपी को गिरफ्तार किया गया और उसका भी मेडिकल टेस्ट कराया गया।
कोर्ट ने क्या फैसला सुनाया?
अदालत ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2), 87, 65(1), 127(2), 351(3) और पॉक्सो एक्ट की धारा 4(2) में दोषी ठहराया। वहीं धारा 296 और 115(2) में उसे बरी कर दिया गया।
आरोपी 18 मार्च 2026 से 11 अगस्त 2026 तक यानी कुल 4 महीने 24 दिन (146 दिन) जेल में रहा। इस अवधि को सजा में गिना गया है।