
उनकी यह सेवा सोशल मीडिया और किसी भी प्रकार के प्रचार-प्रसार से पूरी तरह दूर रहती है। वे जरूरतमंदों को कपड़े और दैनिक उपयोग का सामान पैकेट में रखकर देते हैं। इन पैकेटों पर ‘हैप्पी बर्थडे’ लिखा होता है, जिससे मदद पाने वाले बच्चों को यह किसी उपहार की तरह महसूस हो। अब तक वे 300 से अधिक लोगों तक इस अनूठे तरीके से सहायता पहुंचा चुके हैं।
डीएसपी ओमप्रकाश ने जरूरतमंदों की आर्थिक मदद के उद्देश्य से साल 2012 में इस पहल की शुरुआत की थी। तब से अब तक वे 300 से अधिक बच्चों और जरूरतमंद लोगों तक कपड़े और दैनिक उपयोग की सामग्री पहुंचा चुके हैं। उनका कहना है कि मदद करते समय वे फोटो नहीं खिंचवाते। उनका उद्देश्य सिर्फ जरूरतमंद के चेहरे पर मुस्कान लाना है, न कि अपनी सेवा का प्रचार करना।
जनसेवा के साथ गांव में बनवाए यात्री प्रतीक्षालय और मंदिर
ओमप्रकाश ने ग्रामीणों की सुविधा के लिए गुरुर ब्लॉक के नवागांव (कनेरी) में साल 2021-22 में यात्री प्रतीक्षालय सहित अन्य निर्माण कार्यों में भी योगदान दिया। इसके अलावा तीन स्थानों पर मंदिर निर्माण में सहयोग किया है।
वे सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों में भी लगातार सहभागिता करते हैं। उनका कहना है कि जनसेवा के लिए बड़े बजट या किसी संस्था की जरूरत नहीं है। कमाई का छोटा हिस्सा भी यदि सही जगह लगाया जाए तो किसी के जीवन में बड़ी खुशी ला सकता है।
15 साल में लगाए 2 हजार पौधे
जनसेवा के साथ ओमप्रकाश पर्यावरण संरक्षण को भी अपनी जिम्मेदारी मानते हैं। पिछले करीब 15 वर्षों में लोगों के सहयोग और स्वयं के खर्च से उन्होंने बरगद, पीपल और बेल सहित करीब 2 हजार पौधे लगाए हैं।
उनका कहना है कि पौधे बड़े होने के बाद आने वाली पीढ़ियों को इसका लाभ मिलेगा, इसलिए पर्यावरण संरक्षण की यह पहल भी आगे जारी रहेगी। उनके लगाए पौधों की तस्वीरें जरूर मिल जाएंगी, लेकिन उनमें वे खुद नजर नहीं आएंगे।