
जानकारी के मुताबिक, राजेश प्लांट में क्रेन ऑपरेट कर रहा था। इसी दौरान क्रेन से लोहे की प्लेट उठाकर ले जाई जा रही थी। अचानक संतुलन बिगड़ने से प्लेट क्रेन से फिसलकर नीचे गिर गई। प्लेट सीधे राजेश के ऊपर जा गिरी। हादसे में राजेश को गंभीर चोटें आईं और उसकी मौत हो गई।
बताया जा रहा है कि सिसकोल प्लांट में इस तरह का हादसा पहले भी हो चुका है। करीब 7 महीने पहले क्रेन से लोहे की प्लेट गिरने से एक मजदूर की मौत हुई थी। उस हादसे में लेखूराम कौशल (35) की जान गई थी। लेखूराम भी क्रेन ऑपरेटर था। काम के दौरान क्रेन से लोहे की प्लेट फिसलकर उसके ऊपर गिर गई थी।
करीब 7 महीने पहले भी सिसकोल प्लांट में इसी तरह का हादसा हुआ था। उस समय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की थी। सुरक्षा में लापरवाही या तकनीकी खामी की आशंका जताई गई थी। पुलिस ने प्लांट के कर्मचारियों से पूछताछ कर हादसे के कारणों का पता लगाने की बात कही थी।
जांच में जुटी पुलिस
मजदूरों का कहना है कि सिर्फ हादसे के बाद जांच करना काफी नहीं है। काम के दौरान मजदूरों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कंपनी की है और इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए। ऐसे काम के दौरान क्रेन, प्लेट और सुरक्षा उपकरणों की नियमित जांच जरूरी है।
हादसे के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। जांच के बाद ही यह साफ होगा कि लोहे की प्लेट क्रेन से किस वजह से गिरी और हादसे के लिए जिम्मेदारी किसकी बनती है।