
छात्राओं का आरोप है कि छात्रावास में उन्हें नियमित और पर्याप्त भोजन उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। मेस की व्यवस्था ठीक नहीं होने के कारण कई बार उन्हें अपनी जेब से पैसे खर्च कर बाहर खाना पड़ता है।
छात्राओं ने बताया कि भोजन के अलावा छात्रावास में दैनिक उपयोग की जरूरी सामग्री भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। इससे उन्हें रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अधीक्षिका को हटाने की भी मांग
प्रदर्शन के दौरान छात्राओं ने छात्रावास की व्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने समस्याओं के लिए अधीक्षिका की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उन्हें हटाने की मांग की। छात्राओं का कहना था कि वे छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रही हैं, ऐसे में उन्हें भोजन और दैनिक उपयोग की मूलभूत सुविधाएं समय पर मिलना जरूरी है।
पुलिस और ट्राइबल विभाग के अधिकारी पहुंचे
छात्राओं के सड़क पर प्रदर्शन की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें समझाने का प्रयास किया। इसके बाद ट्राइबल विभाग के सहायक संचालक बिजेंद्र एक्का भी घटनास्थल पर पहुंचे।
उन्होंने छात्राओं से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और छात्रावास की व्यवस्थाओं में सुधार का आश्वासन दिया। अधिकारियों ने छात्राओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई और व्यवस्था सुधारने की बात कही।
आश्वासन के बाद खत्म किया प्रदर्शन, सुधार नहीं हुआ तो फिर आंदोलन की चेतावनी
अधिकारियों की समझाइश और समस्याओं के समाधान का आश्वासन मिलने के बाद छात्राओं ने अपना धरना समाप्त कर दिया। हालांकि छात्राओं ने स्पष्ट किया कि यदि छात्रावास की भोजन व्यवस्था और अन्य जरूरी सुविधाओं में सुधार नहीं हुआ, तो वे दोबारा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगी।