
डीसीपी डॉ. अर्चना झा ने कहा कि यातायात नियमों का पालन केवल कानूनी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि खुद और दूसरों की जान की सुरक्षा की नैतिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने विद्यार्थियों को वाहन नियंत्रित गति में चलाने और सड़क पर अनुशासन बनाए रखने की बात कही। साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों को हैकथॉन की जानकारी भी दी।
हेलमेट लगाने पर भी जोर
एसीपी सीमा अहिरवार ने विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा के जरूरी नियम बताए। उन्होंने कहा कि वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए और हमेशा निर्धारित गति सीमा का पालन करना चाहिए। ट्रैफिक सिग्नल का पालन करने और हेलमेट लगाने पर भी जोर दिया। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने विद्यार्थियों को यातायात नियमों का पालन करने की शपथ दिलाई।
एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी सुनीता चंसोरिया ने बताया कि पिछले 15 वर्षों से एनएसएस के विद्यार्थी पुलिस प्रशासन के साथ मिलकर यातायात जागरूकता अभियान चला रहे हैं। विद्यार्थी नुक्कड़ नाटक, बैनर-पोस्टर और चौक-चौराहों पर यातायात व्यवस्था में सहयोग के जरिए लोगों को जागरूक करते हैं। कार्यक्रम में डॉ. अमन झा, डॉ. प्रगति दुबे, प्रोफेसर रविंद्र राजपूत, विक्की सर सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।