
शिकायत के आधार पर टीम ने मसानगंज-आजाद नगर स्थित राज जलपान गृह की भी जांच की। यहां अनहाइजीनिक परिस्थितियों में समोसा और अन्य खाद्य सामग्री तैयार होती मिली। इसे गंभीरता से लेते हुए विभाग ने साफ-सफाई और जरूरी सुधार होने तक दुकान बंद करा दी।
वहीं, टीम ने अलग-अलग मिठाई दुकानों से शाही लड्डू, मलाई पेड़ा समेत अन्य मिठाइयों के सैंपल लिए। इन सैंपलों को जांच के लिए भेजा जाएगा।
एक सप्ताह से लगातार चल रही जांच
रक्षाबंधन पर मिठाइयों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में कुछ कारोबारी मांग पूरी करने के लिए मिलावटी या घटिया सामग्री से मिठाइयां तैयार कर सकते हैं, जो लोगों की सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकती हैं। इसे देखते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम पिछले एक सप्ताह से लगातार अलग-अलग क्षेत्रों में मिठाई दुकानों की जांच कर रही है।
बंगाल स्वीट्स से बेसन लड्डू और मलाई पेड़ा के सैंपल
निरीक्षण के दौरान टीम ने सत्यम चौक स्थित बंगाल स्वीट्स से बेसन लड्डू और मलाई पेड़ा के नमूने लिए। वहीं, न्यू भारत स्वीट्स, लिंक रोड से आटा शाही लड्डू और मलाई पेड़ा के सैंपल लिए गए। सभी नमूनों को जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट से खाद्य मानकों के अनुसार मिठाइयों की गुणवत्ता की स्थिति स्पष्ट होगी।
शहर की कई दुकानों में पहुंची टीम
इसके अलावा टीम ने मौसाजी स्वीट्स, विवेकानंद स्वीट्स और रतन लस्सी का भी निरीक्षण किया। इस दौरान संचालकों को खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन करने और स्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य पदार्थों का निर्माण व विक्रय करने के निर्देश दिए गए। कार्रवाई के दौरान जिला खाद्य अधिकारी आरआर देवांगन, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी खीरसागर पटेल और खाद्य सुरक्षा अधिकारी अविषा मरावी मौजूद रहे।
रक्षाबंधन पर मिठाई खरीदते समय बरतें सावधानी
त्योहार के दौरान उपभोक्ताओं को भी मिठाई खरीदते समय सावधानी बरतनी चाहिए। खुली और धूल-मिट्टी में रखी मिठाइयां खरीदने से बचें। दुकान में साफ-सफाई और खाद्य पदार्थों को ढककर रखने की व्यवस्था जरूर देखें। पैक्ड मिठाई खरीदते समय निर्माण और उपयोग की अंतिम तिथि, पैकेजिंग और लेबल की जांच करें।
मिठाई का रंग जरूरत से ज्यादा चमकीला या असामान्य लगे तो उसे खरीदने से बचना बेहतर है। खरीदारी की रसीद भी जरूर लें, ताकि शिकायत की स्थिति में दुकान और खरीदारी का रिकॉर्ड उपलब्ध रहे।