
पंडालों की सुरक्षा के लिए रात में समिति के कम से कम दो सदस्यों की मौजूदगी अनिवार्य की गई है। वहीं, विसर्जन झांकी में तीन से ज्यादा वाहन ले जाने की अनुमति नहीं होगी। पुलिस ने समितियों को भीड़ नियंत्रण, यातायात, पार्किंग, आग से सुरक्षा, बिजली व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर जरूरी इंतजाम पहले से करने के निर्देश दिए हैं।
पुलिस ने समितियों को पंडाल में आने-जाने के रास्ते, मुख्य मूर्ति स्थल, पार्किंग और लोगों के इंतजार करने वाली जगहों पर निगरानी के लिए कैमरे लगाने के निर्देश दिए हैं। रात में पंडाल खाली नहीं छोड़ा जाएगा।
समिति के कम से कम दो सदस्य रात के समय पंडाल में मौजूद रहेंगे। महिलाओं और पुरुषों के लिए जरूरत के अनुसार अलग प्रवेश और निकास की व्यवस्था करनी होगी। सुरक्षा के लिए पर्याप्त संख्या में महिला और पुरुष स्वयंसेवक भी तैनात करने होंगे।
सड़क घेरकर पंडाल बनाया तो होगी कार्रवाई
पुलिस ने स्पष्ट किया कि सड़क या लोगों के आने-जाने का रास्ता रोककर पंडाल या पार्किंग नहीं बनाई जाएगी। समितियों को पहले से पार्किंग की जगह तय करनी होगी। बिना अनुमति पार्किंग के नाम पर शुल्क वसूली करने पर कार्रवाई की जाएगी।
झूले, मनोरंजन के साधन या झांकी में मशीनों का इस्तेमाल करने वाली समितियों को संबंधित विभाग से सुरक्षा प्रमाण पत्र लेकर पुलिस को देना होगा। हर पंडाल में आग, बिजली और सुरक्षा व्यवस्था की जांच कराना भी जरूरी होगा। आग बुझाने के उपकरणों के साथ रेत और पानी की व्यवस्था भी रखनी होगी।
रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर बंद
गणेश उत्सव के दौरान तेज आवाज को लेकर भी पुलिस ने सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं। रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर बजाने पर रोक रहेगी। तय सीमा से ज्यादा आवाज होने पर उपकरण जब्त करने के साथ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
पंडाल और विसर्जन झांकी में नशे का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। जबरन चंदा वसूली की शिकायत मिलने पर संबंधित व्यक्ति के साथ समिति के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
विसर्जन में 3 वाहन, झांकी की ऊंचाई 15 फीट
विसर्जन को लेकर पुलिस ने स्पष्ट नियम तय किए हैं। समितियों को पुलिस द्वारा तय रास्ते से ही झांकी ले जानी होगी। दूसरे रास्ते से जाने की अनुमति नहीं होगी। एक झांकी में अधिकतम तीन वाहन रखे जा सकेंगे।
इनमें गणेश प्रतिमा, झांकी और बिजली या डीजे का वाहन शामिल होगा। झांकी की ऊंचाई 15 फीट से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। हर झांकी में कम से कम 8 स्वयंसेवक रखना जरूरी होगा और उनकी सूची पहले पुलिस को देनी होगी।
विसर्जन के दौरान तलवार, भाला, डंडा या किसी अन्य हथियार को रखने पर रोक रहेगी। नकली तलवार जैसे सामान भी नहीं रखे जा सकेंगे। झांकी और कार्यक्रम में केवल धार्मिक गीत बजाने की अनुमति होगी।