
घटना तोरवा थाना क्षेत्र स्थित आरपीएफ कॉलोनी के पास की है। मृतक की पहचान नरेश कुमार गुप्ता के रूप में हुई है। वह बिहार के आरा जिले का रहने वाला था। पुलिस चोरी या रंजिश दोनों एंगल से जांच कर रही है। हत्या के कारणों का पता लगाया जा रहा है। CCTV में कुछ संदिग्ध दिखे हैं। FSL और डॉग स्क्वायड ने सबूत जुटाए हैं।
जानिए क्या है पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक, नरेश कुमार गुप्ता पिछले करीब 2 साल से बिलासपुर में रहकर सुपरवाइजर के साथ चौकीदारी का काम कर रहा था। नरेश रेलवे स्टेशन के निर्माण कार्य से जुड़े सामान के गोदाम की रखवाली करता था।
गुरुवार (3 सितंबर) सुबह उसका शव आरपीएफ कॉलोनी में पानी टंकी के पास खून से लथपथ हालत में मिला। घटना की सूचना मिलते ही GRP, RPF और तोरवा पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और जांच शुरू की। ठेकेदार के मुताबिक नरेश उसके गांव का ही रहने वाला था। काम के लिए उसे बिलासपुर लाया गया था।
CCTV में नजर आया संदिग्ध
पुलिस ने घटना स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। FSL और डॉग स्क्वायड की टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। बताया जा रहा है कि फुटेज में एक संदिग्ध नजर आया हैं। इसकी उम्र करीब 25 से 30 साल के बीच है। पुलिस CCTV के आधार पर संदिग्धों की पहचान करने में जुटी है।
चोरी या रंजिश? दोनों एंगल पर जांच
पुलिस जांच में यह भी देखा जा रहा है कि कहीं चोरी की नीयत से वारदात तो नहीं की गई या फिर हत्या के पीछे आपसी रंजिश कोई वजह है। पुलिस आसपास के लोगों और संबंधित कर्मचारियों से भी पूछताछ कर रही है। फिलहाल आरोपी फरार हैं और पुलिस की टीमें उनकी तलाश में जुटी हुई हैं।
स्टेशन की सुरक्षा पर उठे सवाल
आरपीएफ कॉलोनी रेलवे स्टेशन से लगा हुआ संवेदनशील इलाका है। यहां RPF, GRP और स्थानीय पुलिस की निगरानी रहती है। ऐसे में इस क्षेत्र में हत्या जैसी गंभीर वारदात होने से रेलवे स्टेशन और आसपास की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
पुलिस CCTV फुटेज, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और अन्य सुरागों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। हत्या की असली वजह और आरोपियों का खुलासा पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगा।