बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस ने साइबर ठगी की रकम खपाने वाले म्यूल बैंक खातों के खिलाफ कार्रवाई की

Chhattisgarh Crimesबलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस ने साइबर ठगी की रकम खपाने वाले म्यूल बैंक खातों के खिलाफ कार्रवाई की है। थाना पलारी पुलिस ने 4 सितंबर को दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि एक युवक ने महज 5 हजार रुपए के लालच में अपना स्कॉलरशिप बैंक खाता दूसरे व्यक्ति को दे दिया था। बाद में इस खाते का इस्तेमाल ऑनलाइन गेमिंग और साइबर फ्रॉड से मिली रकम को ट्रांसफर करने के लिए किया जा रहा था।

मामला राजस्थान के जयपुर निवासी कैलाशचंद सेन से हुई ऑनलाइन ठगी से जुड़ा है। उनके साथ 1 लाख 8 हजार 644 रुपए की ठगी हुई थी। साइबर फ्रॉड की जांच के दौरान पता चला कि ठगी की रकम यूको बैंक की पलारी शाखा के एक खाते में ट्रांसफर की गई थी। पुलिस ने खाते के धारक खिलेंद्र वर्मा (21) को हिरासत में लेकर पूछताछ की।

दीपेश को दिया था बैंक खाता

पूछताछ में खिलेंद्र ने बताया कि उसने अपना बैंक खाता दीपेश मल्होत्रा (23) को दिया था। दीपेश ने उसे बैंक खाता खुलवाकर अवैध तरीके से पैसे कमाने का लालच दिया था। इसके बाद दीपेश ही एटीएम कार्ड, पासबुक और नया एयरटेल सिम कार्ड अपने पास रखकर खाते का संचालन करता था। इसके बदले खिलेंद्र को कमीशन दिया जाता था।

ऑनलाइन गेमिंग और साइबर फ्रॉड की रकम का लेन-देन

पुलिस के मुताबिक, इन म्यूल बैंक खातों का इस्तेमाल ऑनलाइन गेमिंग और अन्य अवैध गतिविधियों से मिली रकम को ट्रांसफर करने के लिए किया जा रहा था। खातों के जरिए साइबर ठगी की रकम का लेन-देन और हवाला किया जाता था। मामले में पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

डेढ़ साल में 1500 से ज्यादा साइबर ठगी के मामले

छत्तीसगढ़ में साइबर अपराध के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। पिछले डेढ़ साल में राज्य में साइबर ठगी के 1500 से ज्यादा मामले दर्ज हुए हैं। साइबर ठगी और ऑनलाइन सट्टेबाजी में इस्तेमाल किए जा रहे 1,242 म्यूल बैंक खातों में करीब 3 करोड़ रुपए फ्रीज किए गए हैं।

पुलिस ने 117 म्यूल खाताधारकों और 5 एजेंटों को गिरफ्तार किया है। ये एजेंट 10 से 15 हजार रुपए कमीशन के लालच में लोगों के बैंक खाते उपलब्ध कराते थे।

थाना प्रभारी बोले- खाते में लाखों रुपए का लेन-देन

थाना प्रभारी परिवेश तिवारी ने बताया कि राजस्थान की एक पीड़ित के साथ साइबर फ्रॉड हुआ था। जांच में सामने आया कि ठगी की रकम पलारी क्षेत्र के यूको बैंक के खाताधारक खिलेंद्र वर्मा के खाते में पहुंची थी।

पूछताछ में पता चला कि खिलेंद्र ने अपना पासबुक, एटीएम और नया एयरटेल सिम अवैध गतिविधियों के लिए दीपेश को दिया था। पुलिस के अनुसार, उसके खाते में ऑनलाइन गेमिंग और अन्य अवैध गतिविधियों से लाखों रुपए का लेन-देन हुआ है।

Exit mobile version