कोंडागांव जिले को टीबी मुक्त बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने पंचायत और वार्ड स्तर पर टीबी स्क्रीनिंग और सर्वे अभियान चलाया

Chhattisgarh Crimesकोंडागांव जिले को टीबी मुक्त बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने पंचायत और वार्ड स्तर पर टीबी स्क्रीनिंग और सर्वे अभियान चलाया। यह अभियान 18 अगस्त से 6 सितंबर तक चला। इस दौरान 678 संभावित टीबी मरीजों की जांच की गई। इनमें 7 लोगों में टीबी की पुष्टि हुई। सभी मरीजों का इलाज शुरू कर दिया गया है।

कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना के निर्देश पर जिले में यह अभियान चलाया गया। जिला क्षय उन्मूलन अधिकारी डॉ. हरेंद्र बघेल और जिला कार्यक्रम समन्वयक कांतेश देवांगन ने अभियान की अगुवाई की। जिले के सभी विकासखंडों में अभियान की योजना बनाकर इसे लागू किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य टीबी के संभावित मरीजों की जल्द पहचान कर समय पर जांच और इलाज उपलब्ध कराना था।

अभियान के दौरान टीबी के लक्षण वाले लोगों की जांच की गई। सामान्य टीबी जांच के तहत 126 लोगों की जांच हुई, जबकि सर्वे के माध्यम से 545 लोगों की जांच की गई। जांच में कुल 7 मरीज टीबी पॉजिटिव मिले। सभी मरीजों का इलाज शुरू कर दिया गया है।

पंचायत और वार्ड स्तर पर मरीजों की तलाश

स्वास्थ्य विभाग ऐसे लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रहा है, जो टीबी के लक्षण होने के बावजूद जांच के लिए अस्पताल नहीं पहुंच पाते। पंचायत और वार्ड स्तर पर सर्वे कर ऐसे संभावित मरीजों की पहचान की जा रही है। इसके बाद उन्हें जांच और इलाज के लिए स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचाया जा रहा है।

विश्रामपुरी को टीबी मुक्त पंचायत-वार्ड अभियान के लिए चुना

टीबी उन्मूलन अभियान को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने विश्रामपुरी विकासखंड को टीबी मुक्त पंचायत-वार्ड अभियान के लिए चुना है। यहां मितानिनों और मितानिन प्रशिक्षकों को विकासखंड स्तर पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

मितानिनों को मरीजों की पहचान की ट्रेनिंग

प्रशिक्षण में मितानिनों और प्रशिक्षकों को टीबी के संभावित मरीजों की पहचान करने, बीमारी के लक्षणों की जानकारी देने और संदिग्ध मरीजों को जांच व इलाज के लिए अस्पताल तक पहुंचाने की जानकारी दी जा रही है। इससे गांव और वार्ड स्तर पर टीबी उन्मूलन अभियान को और मजबूती मिलने की उम्मीद है

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