
कलेक्टर ने गर्भवती महिलाओं के पंजीयन और संस्थागत प्रसव की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने आगामी सप्ताह तक गर्भवती महिलाओं का पंजीयन 90 प्रतिशत और प्रथम तिमाही में पंजीयन 95 प्रतिशत तक पहुंचाने के निर्देश दिए। साथ ही शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने को कहा।
टीकाकरण कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि, कोई भी बच्चा टीकाकरण से वंचित नहीं रहना चाहिए। सभी पात्र बच्चों का शत-प्रतिशत HPV टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) में 100 प्रतिशत बेड ऑक्यूपेंसी का लक्ष्य पूरा करने और धरसींवा NRC को जल्द शुरू करने को कहा।
कैंसर और दूसरी बीमारियों की स्क्रीनिंग बढ़ाने के निर्देश
गैर-संचारी रोग (NCD) कार्यक्रम के तहत उच्च रक्तचाप और मधुमेह की जांच में लक्ष्य के मुकाबले 90 प्रतिशत से अधिक उपलब्धि हासिल करने को कहा गया। वहीं ओरल, स्तन और सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग 75 प्रतिशत से अधिक करने के निर्देश दिए। एनीमिया मुक्त भारत अभियान में भी शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने पर जोर दिया।
स्कूल-आंगनबाड़ी में स्क्रीनिंग और टीबी पर जोर
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के तहत स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों का शत-प्रतिशत भ्रमण और बच्चों की स्क्रीनिंग करने को कहा गया। ‘A’ कैटेगरी के सभी बच्चों का उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। टीबी नोटिफिकेशन और निक्षय मित्र कार्यक्रम में भी शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल करने को कहा गया।
डेंगू से बचाव और कार्ड बनाने पर भी जोर
कलेक्टर ने डेंगू की रोकथाम के लिए लोगों के बीच अधिक से अधिक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही आयुष्मान कार्ड और वय वंदना कार्ड बनाने का काम शत-प्रतिशत पूरा करने को कहा। बैठक में नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन, सीएमएचओ डॉ. मिथलेश चौधरी सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।