
पीड़ित ने मामले की शिकायत एसएसपी कार्यालय में की है। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने चोरी की रिपोर्ट नहीं लिखी। जबकि मारपीट करते देख टीआई ने भी पुलिसकर्मियों को नहीं रोका। शिकायत के बाद एसएसपी रजनेश सिंह ने टीआई सलीम खाखा को हटा दिया है। घटना मस्तूरी थाना क्षेत्र की है।
दरअसल, बिल्हा थाना क्षेत्र के पत्थरखान निवासी नकुल प्रसाद मांडरे गांव-गांव फेरी लगाकर साड़ी और कपड़े बेचता है। 11 सितंबर की सुबह करीब 6 बजे वह साड़ी बेचने मस्तूरी की ओर निकला था। मस्तूरी पेट्रोल पंप पर पेट्रोल भराने के बाद उसने थोड़ी शराब पी।
कुछ दूर आगे जाकर उसने गाड़ी रोकी और नीचे उतरा। इसी दौरान उसे पता चला कि किसी ने उसकी गाड़ी से मोबाइल चोरी कर लिया है। मोबाइल चोरी की रिपोर्ट लिखाने वह थाने पहुंचा। वहां उसने मुंशी शिवचरण मरावी को मोबाइल चोरी और शराब पीने की जानकारी दी।
शिकायत के मुताबिक, मुंशी ने उसे बाहर से फॉर्म की फोटोकॉपी लाने के लिए कहा। फॉर्म लेकर लौटने के बाद पुलिसकर्मियों ने रिपोर्ट लिखने से मना कर दिया। आरोप है कि इस दौरान पुलिसकर्मी दिनेश निराला, शिवचरण मरावी और नीतीश बंजारे ने उसके साथ अभद्र व्यवहार किया। इसके बाद उसे थाने के अंदर ले जाकर मारपीट की गई।
मारपीट होते देख टीआई ने नहीं रोका
पीड़ित का आरोप है कि जब पुलिसकर्मी उसके साथ मारपीट कर रहे थे, उस समय टीआई सलीम खाखा थाने में मौजूद थे। युवक के मुताबिक, टीआई ने पुलिसकर्मियों को मारपीट करने से नहीं रोका। हालांकि, शिकायत में टीआई पर खुद मारपीट करने का आरोप नहीं लगाया गया है।
2 हजार कैश और 3 हजार ऑनलाइन लेने का आरोप
युवक ने शिकायत में आरोप लगाया है कि शराब के नशे में होने के कारण पुलिसकर्मियों ने उसकी तलाशी ली। इस दौरान उसकी जेब से 2 हजार रुपए कैश ले लिए गए और गाड़ी की चाबी भी छीन ली गई। इसके बाद उसे छोड़ने के लिए 3 हजार रुपए और मांगे गए।
आरोप है कि दबाव में युवक ने अपनी पत्नी से सूर्य सागर नामक व्यक्ति के नंबर पर चैट के जरिए 3 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर करवाए। इस तरह पुलिसकर्मियों पर कुल 5 हजार रुपए लेने का आरोप है।