
शादी के बाद युवक का बायोडाटा फर्जी निकला। आरोप है कि युवक और उसके माता-पिता ने युवती के परिवार से 6.76 लाख रुपए भी लिए। युवती ने इस मामले में जशपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिस पर पुलिस ने शून्य पर रिपोर्ट दर्ज कर केस डायरी बिलासपुर पुलिस को भेज दी।
इसके बाद बिलासपुर पुलिस ने युवक और उसके माता-पिता के खिलाफ केस दर्ज किया है। मामला कोनी थाना क्षेत्र का है।
जानिए क्या है पूरा मामला ?
पुलिस के अनुसार, मूल रूप से जशपुर की रहने वाली मीतू (30) साल 2022 से बिलासपुर में रहकर कोनी स्थित गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी में पीएचडी कर रही हैं। हर्षदीप राम जाड़ी उनके साथ हाईस्कूल में पढ़ता था। साल 2022 में दोनों की दोबारा मुलाकात हुई।
इसके बाद उनका मिलना-जुलना शुरू हो गया। मई 2024 में हर्षदीप ने मीतू के सामने शादी का प्रस्ताव रखा। मीतू ने परिवार की सहमति से शादी करने की बात कही। इसके बाद 8 जनवरी 2025 को कोनी के आरजे प्वाइंट कैफे में मुलाकात के दौरान हर्षदीप ने मीतू को अपना बायोडाटा दिया।
फर्जी बायोडाटा दिखाकर शादी के लिए राजी किया
मीतू का आरोप है कि हर्षदीप ने बायोडाटा में खुद को बीट्स पिलानी से B.Tech और जयपुर स्थित एक बड़ी कंपनी में डेटा एनालिस्ट मैनेजर बताया था। उसने अपना सालाना वेतन 48 लाख रुपए बताया।
साथ ही पिता के व्यवसाय का सालाना टर्नओवर 88 लाख रुपए और परिवार के पास 150 से 200 एकड़ जमीन होने की जानकारी दी। इन दावों पर भरोसा कर युवती ने अपने परिवार को हर्षदीप से शादी के लिए राजी कर लिया।
अलग-अलग बहाने करके लिए पैसे
इसके बाद 12 मार्च 2026 को होटल पेट्रीशियन, बिलासपुर में दोनों की शादी हुई। शादी का खर्च हर्षदीप के पिता लोधन राम ने उठाने की बात कही थी।
शिकायत के मुताबिक, शादी से पहले फरवरी और मार्च में अलग-अलग जरूरत बताकर हर्षदीप और उसकी मां राजो जाड़ी के खातों में कुल 4.96 लाख रुपए ट्रांसफर कराए गए। इसके अलावा हर्षदीप ने अपने खाते में 60 हजार रुपए भी लिए।