
कलेक्टर बोले- मोबाइल की होगी पूरी जांच कलेक्टर अभिजीत सिंह ने बताया कि केंद्रीय जेल का सुबह निरीक्षण किया गया। बड़ी संख्या में पुलिस जवानों को भी जांच में शामिल किया गया था। सभी बैरकों की तलाशी ली गई, जिसमें दो मोबाइल फोन, एक सिम कार्ड, बीड़ी और चिलम जैसी सामग्री मिली है। सभी सामान का पंचनामा बनाकर पदमनाभपुर थाने को सौंप दिया गया है। कलेक्टर ने कहा कि बरामद मोबाइल फोन की आगे जांच की जाएगी। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि इन मोबाइल से किन-किन नंबरों पर बात की जाती थी। इनमें कौन सा सिम कार्ड लगा था और सिम किसके नाम पर जारी हुआ था। इन सभी बिंदुओं की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सुबह-सुबह पहुंची 100 जवानों की टीम औचक कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम बनाई गई थी। करीब 100 जवान और अधिकारी तड़के केंद्रीय जेल पहुंचे। इसके बाद जेल परिसर को घेरे में लेकर जांच शुरू की गई। टीम ने एक साथ अलग-अलग हिस्सों में तलाशी अभियान चलाया। सभी बैरकों की जांच की गई। इसके अलावा उन जगहों को भी देखा गया, जहां प्रतिबंधित सामान छिपाए जाने की आशंका थी।
जेल में कैसे पहुंचे मोबाइल, अब इसी की जांच जेल में मोबाइल फोन और सिम कार्ड मिलना काफी बड़ी चूक और सुरक्षा में लापरवाही बताई जा रही है। जेल में बंदियों के लिए मोबाइल फोन का इस्तेमाल प्रतिबंधित है। इसके बावजूद दो मोबाइल और एक सिम कार्ड मिलने के बाद अब यह पता लगाया जाएगा कि ये जेल के अंदर कैसे पहुंचे। खास तौर पर सिम कार्ड किसके नाम पर है और मोबाइल से किन लोगों से संपर्क किया गया था, इसकी जानकारी जांच के बाद सामने आएगी।
कलेक्टर ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दिए निर्देश औचक निरीक्षण के बाद कलेक्टर ने जेल प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाहर से कोई भी प्रतिबंधित सामग्री जेल के अंदर नहीं पहुंचनी चाहिए। इसके लिए जांच व्यवस्था को मजबूत रखने और सुरक्षा में किसी तरह की लापरवाही नहीं होने देने के निर्देश दिए गए हैं।
बुनियादी सुविधाएं पर्याप्त, नए क्वार्टर भी तैयार निरीक्षण के दौरान जेल की बुनियादी सुविधाओं की भी जानकारी ली गई। कलेक्टर अभिजीत सिंह के मुताबिक जेल में बुनियादी सुविधाएं पर्याप्त हैं। जेल कर्मचारियों के लिए नए क्वार्टर बनकर तैयार हो चुके हैं। इन क्वार्टरों का आवंटन जल्द शुरू किया जाएगा।
पंचनामा थाने को सौंपा, अब तकनीकी जांच तलाशी में मिले सभी सामान की सूची तैयार कर पंचनामा बनाया गया है। इसे पदमनाभपुर थाने को सौंप दिया गया है। अब मोबाइल फोन और सिम कार्ड की जांच के जरिए संपर्क में रहे लोगों की जानकारी जुटाई जाएगी। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। औचक निरीक्षण के बाद अब जांच का फोकस दो मोबाइल और एक सिम कार्ड पर है। इनके इस्तेमाल, सिम के मालिक और मोबाइल से हुई बातचीत की जानकारी सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि जेल के अंदर इनका इस्तेमाल कौन कर रहा था और ये वहां तक कैसे पहुंचे।