
बाकी बचे 16 नेताओं के निष्कासन पर मंथन अभी जारी है। इनमें अमित जोगी, रेणु जेगी और बृहस्पति सिंह शामिल हैं। आदेश के बाद सभी संबंधित नेताओं के लिए पार्टी में दोबारा सक्रिय होने का रास्ता खुल गया है।
पहली सूची में रायपुर, राजनांदगांव और मुंगेली के नेता शामिल हैं। रायपुर से आनंद कुकरेजा, पूनम पांडेय और विशाल रजानी का निष्कासन रद्द किया गया है। वहीं, मुंगेली से पार्षद विनय चोपड़ा को भी राहत दी गई है।
पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण हुए थे निष्कासित
रायपुर उत्तर विधानसभा से 2023 में निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले अजीत कुकरेजा के पिता आनंद कुकरेजा को कांग्रेस ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया था।
इससे पहले कांग्रेस ने अजीत कुकरेजा को भी पार्टी के खिलाफ जाकर निर्दलीय चुनाव लड़ने के मामले में निष्कासित किया था। इसके बाद उनके पिता आनंद कुकरेजा पर भी पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते कार्रवाई की गई थी। आनंद कुकरेजा समेत 14 लोगों को निष्कासित किया गया था।
गरियाबंद से 5 नाम, राजनांदगांव से 8
गरियाबंद जिले से गोरेलाल सिन्हा, राधोवा महाड़िक, भविष्य प्रधान, ऋतिक सिन्हा और भानुप्रताप साहू का निष्कासन रद्द किया गया है। कोंडागांव से सुशील सोनी का नाम सूची में शामिल है।
राजनांदगांव जिले के सबसे ज्यादा नेताओं को इस फैसले से राहत मिली है। यहां सगीर खान, सिद्धार्थ डोंगरे, राजेश गुप्ता, जितेश सिमनकर, सकूर चौहान, सुनीता सिन्हा, आशीष सोनकर और शशांक डोंगरे का निष्कासन रद्द किया गया है। इसके अलावा अंजू बंजारे और श्यामबती सिन्हा के नाम भी सूची में शामिल हैं।