
युमेन्द्र कश्यप/मैनपुर। मैनपुर-देवभोग राष्ट्रीय राजमार्ग 130 सी पर बसे ग्राम तौरेंगा के ग्रामीण आज भी मूलभूत बिजली सुविधा से वंचित हैं। गांव में वैकल्पिक रोशनी के लिए क्रेडा द्वारा स्थापित सौर ऊर्जा संयंत्र पिछले करीब छह महीने से खराब पड़ा है। बैटरियां और मशीनें खराब होने के कारण संयंत्र बंद है, जिसके चलते शाम होते ही गांव में अंधेरा छा जाता है और ग्रामीण लालटेन के सहारे जीवन यापन करने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, तौरेंगा गांव के बीच से हाईटेंशन बिजली की लाइनें गुजर रही हैं, लेकिन इसके बावजूद गांव में बिजली की सुविधा नहीं पहुंच पाई है। ग्रामीण लंबे समय से गांव में बिजली लाइन बिछाने की मांग करते आ रहे हैं। बिजली की मांग को लेकर ग्रामीणों द्वारा चक्काजाम और धरना-प्रदर्शन भी किया जा चुका है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान अब तक नहीं हुआ है।
ग्रामीणों का कहना है कि शाम होते ही गांव में अंधेरा छा जाने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। वहीं, जंगल से लगे क्षेत्र में रात के समय जंगली जानवरों के गांव में आने का भी भय बना रहता है। ग्रामीणों ने खराब पड़े सौर ऊर्जा संयंत्र को जल्द सुधारने और गांव में स्थायी बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराने की मांग की है।
बड़े-बड़े नेता आए, लेकिन बिजली अब तक नहीं पहुंची
ग्राम पंचायत तौरेंगा की आबादी करीब 1260 के आसपास है। पंचायत के अंतर्गत जुंगाड़ और कोदोमाली आश्रित ग्राम भी शामिल हैं। सरपंच सोहन्तीन सोरी, उपसरपंच फगनी बाई सहित अनुप कश्यप, चमरूराम यादव, बल्देव यादव, खीरधर कश्यप, परमेश्वर नेताम, केशूर चिंडा, मेघूराम, सुरतीराम, तीजन बाई, हिलन बाई समेत ग्रामीणों ने बताया कि गांव में बिजली पहुंचाना लंबे समय से उनकी प्रमुख मांग रही है।