युमेन्द्र कश्यप/मैनपुर। यातायात नियमों के पालन और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से गरियाबंद पुलिस द्वारा एक सराहनीय और जनहितैषी कदम उठाया गया है पुलिस अधीक्षक गरियाबंद वेदव्रत सिरमौर के विशेष दिशा-निर्देशन में पुलिस और जिला परिवहन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में गरियाबंद जिले की विभिन्न थानों में निःशुल्क लर्निंग लाइसेंस शिविर का आयोजन किया जा रहा है जिसका लाभ क्षेत्र के ग्रामीणों को मिल रहा है। पहले ड्राईविंग लाइसेंस के लिए ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था लेकिन पुलिस अधीक्षक के इस प्रयास का ग्रामीणों ने सराहना किया है।
शिविर की खबर मिलते ही सुबह से ही नया लाइसेंस बनवाने और पुराने लाइसेंस का नवीनीकरण कराने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों के नागरिकों को आसानी से ड्राइविंग लाइसेंस की सुविधा उपलब्ध कराना तथा यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना था। स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस और परिवहन विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविरों से उन्हें जिला मुख्यालय के चक्कर काटने से मुक्ति मिली है और समय व पैसे दोनों की बचत हुई है। दिनभर चले इस शिविर में सैकड़ों की संख्या में लोगों ने अपना ड्राइविंग लाइसेंस बनवाया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों, विशेषकर युवाओं को बिना किसी परेशानी के वैध ड्राइविंग लाइसेंस उपलब्ध कराना और उन्हें यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना है।
गरियाबंद पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर ने कहा अक्सर देखा जाता है कि जागरूकता की कमी या प्रक्रिया की जानकारी न होने के कारण कई युवा और ग्रामीण बिना लाइसेंस के वाहन चलाते हैं, जो कि कानूनन वैध नहीं होने के साथ-साथ बेहद असुरक्षित भी है। गरियाबंद पुलिस का उद्देश्य केवल चालानी कार्रवाई करना नहीं, बल्कि नागरिकों को जिम्मेदार चालक बनाना है। परिवहन विभाग के साथ मिलकर किया गया यह संयुक्त प्रयास इसी दिशा में एक कदम है। थानों में इस तरह के शिविरों के आयोजन से जनता और पुलिस के बीच समन्वय भी मजबूत होता है। ऑनलाइन आवेदन से लेकर दस्तावेज़ों के सत्यापन (डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन) और लर्निंग लाइसेंस की प्रारंभिक प्रक्रियाओं को निःशुल्क और बेहद सरल तरीके से पूरा किया गया।