
इसके तहत निजी भागीदार की मदद से बॉटनिकल गार्डन का नए सिरे से विकास करने के साथ पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाएं और नए आकर्षण जोड़े जाएंगे। मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई उच्चस्तरीय बैठक में नंदनवन पुनर्विकास के प्रस्ताव का प्रस्तुतिकरण किया गया। नंदनवन पीपीपी समिति ने प्रस्ताव को मंजूरी दी। अब परियोजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू होगी। बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, पीसीसीएफ अरुण कुमार पांडेय, विधि एवं विधायी विभाग के प्रमुख सचिव मनीष कुमार ठाकुर, नीति आयोग के सदस्य आशीष भट्ट, वित्त विभाग के अधिकारी और समिति के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
बॉटनिकल गार्डन का होगा नए सिरे से विकास योजना में नंदनवन के बॉटनिकल गार्डन को आधुनिक स्वरूप देने पर खास जोर है। प्राकृतिक संतुलन और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए परिसर को विकसित किया जाएगा। पर्यटकों के लिए बेहतर लैंडस्केपिंग, स्वच्छ सुविधाएं और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा। योजना के मुताबिक नंदनवन को ऐसा पर्यटन स्थल बनाया जा रहा है, जहां परिवार और बच्चे लंबे समय तक समय बिता सकें। इसके लिए नए मनोरंजन आकर्षण और गतिविधियां जोड़े जाएंगे। इनमें कैफेटेरिया/फूड कोर्ट, साफ-सुथरे शौचालय, पीने का पानी, पार्किंग, बैठने के लिए शेड/बेंच, दिव्यांगों के लिए सुगम रास्ते, ई-कार्ट/बैटरी वाहन इत्यादि सुविधाएं विकसित करने की प्लानिंग है।
पीपीपी में निजी भागीदारी, सरकारी निगरानी: परियोजना को सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल पर विकसित किया जाएगा। इसमें निजी क्षेत्र की विशेषज्ञता और निवेश का इस्तेमाल नंदनवन के विकास के लिए किया जाएगा। अफसरों का कहना है कि पीपीपी मॉडल की कुछ बातें अभी तय करनी बाकी हैं। इनमें पीपीपी की अवधि कितनी होगी, संचालन का अधिकार किस तरह दिया जाएगा इत्यादि शामिल है। इसी तरह पर्यटकों के लिए प्रस्तावित टिकट या यूजर चार्ज में बदलाव होगा या नहीं, यह भी आगे तय किया जाना है। स्थानीय पर्यटन को मिलेगा नया आधार: सरकार का उद्देश्य नंदनवन को पर्यावरण और पर्यटन का बड़ा केंद्र बनाना है। आधुनिक सुविधाएं विकसित होने से स्थानीय लोगों के साथ बाहर से आने वाले पर्यटकों के लिए भी यहां बेहतर अनुभव तैयार करने की योजना है। स्थानीय पर्यटन गतिविधियों के बढ़ने से आसपास के कारोबार को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। अफसरों के अनुसार, नंदनवन का पुनर्विकास प्रकृति और आधुनिक जन-सुविधाओं के बीच संतुलन बनाते हुए किया जाएगा। परियोजना पूरी होने के बाद नंदनवन रायपुर के प्रमुख पर्यटन स्थलों में एक नए स्वरूप में सामने आ सकता है।