
इसी रंजिश में आरोपी दीपक ने अपने पिता और चाचा के साथ मिलकर हत्या की प्लानिंग की। 29 सितंबर को जोयो राम खेत जा रहे थे, तभी उनके ऊपर बोलेरो चढ़ा दी। सिर पर गंभीर चोट लगने और ज्यादा खून बहने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
इसके बाद वारदात को सड़क हादसा दिखाने की कोशिश की गई। पुलिस जांच में पूरे मामले का खुलासा हुआ। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामला बगीचा थाना क्षेत्र का है।
अब जानिए पूरा मामला
पुलिस के मुताबिक, 29 सितंबर 2026 को जोयो राम की मौत की सूचना मिलने पर बगीचा थाने में मर्ग कायम किया गया था। शव का पंचनामा और पोस्टमार्टम कराया गया। पंचनामा में सिर, माथे और बाएं पैर पर चोट के निशान मिले। पोस्टमार्टम की शॉर्ट रिपोर्ट में सिर में लगी चोट और ज्यादा खून बहने को मौत की वजह बताया गया।
इसके बाद पुलिस ने मृतक के परिजनों और दूसरे लोगों के बयान लिए। जांच में सामने आया कि जोयो राम की मौत किसी सामान्य सड़क हादसे में नहीं हुई थी। उन्हें जानबूझकर बोलेरो से टक्कर मारी गई थी। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच हत्या के रूप में शुरू की।
जादू-टोने का शक, दो परिवारों में थी रंजिश
जांच में पता चला कि दीपक यादव, उसके पिता कुरसों यादव (44) और चाचा परमेश्वर राम (39) मृतक जोयो राम की पत्नी पर जादू-टोना करने और टोनही होने का आरोप लगाते थे। इसी बात को लेकर दोनों परिवारों के बीच पिछले दो-तीन साल से विवाद और रंजिश चल रही थी।
पुलिस के अनुसार, गांव के एक बैगा ने भी जोयो राम की पत्नी पर जादू-टोना करने का आरोप लगाया था। परिवार के लोगों की तबीयत खराब होने के लिए भी उसे जिम्मेदार बताया गया था। पुलिस का कहना है कि इसी अंधविश्वास और पुरानी रंजिश के चलते जोयो राम की हत्या की योजना बनाई गई।