रायपुर में करीब 2 साल पहले हुई महिला की हत्या के मामले में पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया

Chhattisgarh Crimesरायपुर में करीब 2 साल पहले हुई महिला की हत्या के मामले में पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस केस को सुलझाने में घटना के समय जुटाए गए वैज्ञानिक सबूत सबसे अहम साबित हुए। हत्या के दौरान महिला के नाखूनों से मिले बायोलॉजिकल सैंपल का DNA प्रोफाइल बनाकर सुरक्षित रखा गया था।

करीब 2 साल बाद संदिग्धों के DNA सैंपल से इसका मिलान कराया गया, जिसमें तीनों आरोपियों का DNA मैच हो गया। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ की। फिर हत्या की पूरी कहानी सामने आई।

पुलिस के मुताबिक, 21 अगस्त 2024 को शराब को लेकर हुए विवाद के दौरान राजू मंडल उर्फ बंगाली ने लता का गला दबाया था। वहीं, मनहरण सारंग ने उसके दोनों हाथ और राजेश पाल उर्फ चोटी ने दोनों पैर पकड़ रखे थे।

इस दौरान लता ने खुद को बचाने के लिए आरोपियों को नोचने की कोशिश की। इसी संघर्ष में सबूत उसके नाखूनों में रह गए। बाद में आरोपियों ने उसकी हत्या कर घर से कैश और पायल लेकर फरार हो गए थे। उस समय आरोपियों की पहचान नहीं हो पाई थी। यह मामला खमतराई थाना क्षेत्र के ट्रांसपोर्ट नगर का है।

अब जानिए पूरा मामला

महिला लता साहू के पहले पति का निधन हो गया था, उसने दूसरी शादी की थी। उसका दूसरा पति फेरी लगाकर घर चलाता था। 21 अगस्त 2024 को तीनों आरोपी मनहरण सारंग (33), राजेश पाल उर्फ चोटी उर्फ राजू (31), राजू मंडल उर्फ बंगाली (35) ट्रांसपोर्ट नगर में लता साहू (40) के घर पहुंचे। तीनों महिला और उसके पति के परिचित थे।

इस दौरान चारों ने जमकर शराब पी। शराब खत्म होने के बाद दोबारा शराब मांगने को लेकर विवाद शुरू हुआ। बात बढ़ने पर झूमाझटकी होने लगी। इसी दौरान राजू मंडल उर्फ बंगाली ने लता का गला दबाया। मनहरण सारंग ने उसके दोनों हाथ और राजेश पाल उर्फ चोटी ने दोनों पैर पकड़ रखे थे।

पुलिस के मुताबिक कुछ देर बाद लता की छटपटाहट बंद हो गई। इसके बाद तीनों घर में रखे कैश, साड़ी और पायल लेकर पीछे की दीवार से निकलकर फरार हो गए। कैश आपस में बांट लिया, जबकि साड़ी और पायल मनहरण ने अपने पास रख ली।

घटना के समय आरोपी अज्ञात थे, DNA सुरक्षित रखा गया

हत्या के बाद पुलिस के सामने आरोपियों की पहचान बड़ी चुनौती थी। जांच के दौरान महिला के नाखूनों में किसी अज्ञात व्यक्ति के जैविक निशान मिले। पुलिस ने इन सैंपल को सुरक्षित रखकर उनका DNA टेस्ट कराया।

उस समय आरोपियों का पता नहीं चल पाया, लेकिन पुलिस ने DNA प्रोफाइल सुरक्षित रख ली।

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