
पूर्व मंत्री रविंद्र चौबे ने संगठन की एकजुटता, अनुशासन और सक्रियता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सबसे बड़ी ताकत उसके समर्पित कार्यकर्ता हैं। संगठन को मजबूत बनाने के लिए कार्यकर्ताओं को आपसी समन्वय के साथ जनता के बीच सक्रिय रहना होगा और जनहित के मुद्दे उठाने होंगे।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष आशीष छाबड़ा ने कहा कि बूथ से लेकर जिला स्तर तक संगठन को मजबूत और सक्रिय बनाने के लिए सभी कार्यकर्ताओं को साथ लेकर काम किया जाएगा।
‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ में चुनाव आयोग पर निशाना
बैठक के बाद जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ के तहत ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके तहत राजीव भवन में प्रेसवार्ता हुई।
पूर्व मंत्री रविंद्र चौबे ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए भाजपा और चुनाव आयोग के बीच मिलीभगत का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के निर्देश पर कांग्रेस लोकतंत्र की रक्षा के लिए जनता के बीच जा रही है।
चौबे का आरोप- ईवीएम से परिणाम प्रभावित करने की कोशिश
चौबे ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार भाजपा सरकार के इशारे पर काम कर रहे हैं। उन्होंने ईवीएम के जरिए चुनाव परिणाम प्रभावित किए जाने और एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) के माध्यम से मतदाता सूची से नाम हटाए जाने का आरोप लगाया।
उन्होंने दावा किया कि देशभर में 13 करोड़ मतदाताओं के नाम काटे गए हैं, जबकि छत्तीसगढ़ में 25 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं।
चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और दोबारा चुनाव की मांग
रविंद्र चौबे ने कहा कि मतदान का अधिकार लोकतंत्र का सबसे महत्वपूर्ण अधिकार है। मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मुद्दे पर पारदर्शिता जरूरी है। कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग की। साथ ही एसआईआर के बाद हुए चुनावों को निरस्त कर दोबारा चुनाव कराने की मांग की।