करीब सात साल पहले रायपुर कृषि मंडी की जमीन पर किसानों को ताजी सब्जियां सीधे आम लोगों तक बेचने की सुविधा देने के उद्देश्य से किसान बाजार शुरू किया गया था

Chhattisgarh Crimesकरीब सात साल पहले रायपुर कृषि मंडी की जमीन पर किसानों को ताजी सब्जियां सीधे आम लोगों तक बेचने की सुविधा देने के उद्देश्य से किसान बाजार शुरू किया गया था। करीब 2 करोड़ की लागत से तैयार किए गए इस बाजार में आज दुकानों और चबूतरों पर सन्नाटा पसरा है।

किसानों और आम लोगों के बीच बिचौलियों की भूमिका खत्म करने इस बाजार को शुरू किया गया था। एक-दो महीने तक बाजार चलने के बाद अफसर इसका सिस्टम ही नहीं बना पाए। इस वजह से पूरी योजना ही फेल हो गई। किसानों ने भी इस बाजार से पूरी तरह से दूरी बना ली है।

रात में असामाजिक गतिविधियां

स्थानीय लोगों के अनुसार रात में बाजार परिसर में शराबखोरी और जुआ खेलने वालों का जमावड़ा लगा रहता है। लोगों का आरोप है कि जिस जगह किसानों और उपभोक्ताओं के लिए बाजार विकसित किया गया था, वह अब असामाजिक गतिविधियों का ठिकाना बन गया है। रात में इस रास्ते से निकलने में भी डर लगने लगा है। क्योंकि नशा करने वाले सड़क से गुजरने वालों से विवाद करते हैं।

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