
महासमुंद में बर्फ की फैक्ट्री शुरू करने के लिए विशाल सचदेव ने लाखों रुपए का कर्ज लिया था। फैक्ट्री नहीं चलने से वह आर्थिक परेशानी में आ गया था। इसके अलावा फैक्ट्री का 7 लाख रुपए बिजली बिल भी बकाया था। कर्ज और बिजली बिल चुकाने के लिए उसने अपनी फैक्ट्री में काम करने वाले सूरज ढीमर और एक अन्य साथी के साथ मिलकर ज्वेलर्स में चोरी की प्लानिंग बनाई।
आरोपियों ने पहले ज्वेलर्स की रेकी की। इसके बाद 26-27 सितंबर की रात दुकान की दीवार में सेंधमारी की। फिर 29-30 सितंबर की रात दुकान में घुसकर सोने-चांदी के आभूषण चोरी कर लिए। पुलिस ने CCTV फुटेज और तकनीकी जांच के आधार पर आरोपियों को पकड़ा।
आरोपियों की निशानदेही पर सोने-चांदी और आर्टिफिशियल आभूषण, वारदात में इस्तेमाल कार और एक्टिवा समेत करीब 14.51 लाख रुपए का माल जब्त किया गया है। वारदात में शामिल एक अन्य आरोपी अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
सुबह दुकान खोलने पर पता चला चोरी का
दरअसल, कर्मा चौक मेन रोड स्थित श्री लक्ष्मी विनायक ज्वेलर्स है। संचालक सुनील जैन ने पुलिस को बताया कि वह 29 सितंबर की रात दुकान बंद कर घर चले गए थे। अगले दिन 30 सितंबर को सुबह 10:30 बजे दुकान खोलने पहुंचे। अंदर जाने पर दाहिनी तरफ की दीवार की प्लाई गिरी हुई थी।
फर्नीचर बिखरा था और दीवार में बड़ा छेद था। डिस्प्ले में रखे सोने-चांदी के आभूषण भी गायब थे। इसके बाद उन्होंने गुढ़ियारी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके बाद एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और पुलिस चौकी रामनगर की संयुक्त टीम बनाई गई।
पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे CCTV कैमरों के हजारों फुटेज खंगाले। संदिग्ध लोगों और वाहनों की गतिविधियों के साथ उनके आने-जाने के रास्तों का विश्लेषण किया गया। CCTV से मिले सुरागों का तकनीकी विश्लेषण किया गया।
साथ ही मुखबिरों से जानकारी जुटाई गई और चोरी के पुराने मामलों में शामिल आरोपियों के साथ हाल में जेल से छूटे आरोपियों की गतिविधियों की भी जांच की गई।