
नए नियमों के तहत जुर्माना बढ़ा दिया गया है और खनिज माफियाओं पर लगाम कसने की तैयारी की गई है। सरकार का साफ कहना है कि अब अवैध खनन पर “जीरो टॉलरेंस” की नीति के तहत कार्रवाई होगी।
जुर्माना अब पहले से कई गुना सख्त
नए नियमों के मुताबिक अगर कोई भी व्यक्ति अवैध तरीके से खनिज की खुदाई या ढुलाई करता पकड़ा जाता है, तो उस पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। अब किसी भी केस में कम से कम 25 हजार रुपए जुर्माना देना ही होगा। इसके अलावा प्रति टन 2 हजार रुपए की दर से अलग से जुर्माना लगेगा और जितना खनिज पकड़ा जाएगा, उसकी पूरी कीमत भी वसूली जाएगी।
अगर कोई ट्रक 35 टन खनिज अवैध रूप से ले जाता है, तो उस पर करीब 70 हजार रुपए का जुर्माना और खनिज की कीमत अलग से देनी होगी। ट्रैक्टर से अवैध रेत ढुलाई पर भी कम से कम 25 हजार रुपए का जुर्माना तय किया गया है।
वाहन छुड़ाना भी अब आसान नहीं
अब अगर कोई वाहन अवैध खनन में पकड़ा जाता है, तो उसे छुड़ाना आसान नहीं होगा। कोर्ट में वाहन के हिसाब से 50 हजार से 3 लाख रुपए तक की सिक्योरिटी राशि जमा करनी पड़ेगी, तभी वाहन वापस मिलेगा।
खनन नियमों में भी बदलाव
सरकार ने विकास कार्यों को ध्यान में रखते हुए कुछ नियम आसान भी किए हैं। अब सरकारी निर्माण कार्यों के लिए खनन क्षेत्र की सीमा बढ़ाकर 2 हेक्टेयर कर दी गई है और अनुमति की अवधि 3 साल कर दी गई है।
खनिज विकास के लिए नया फंड
राज्य में अब एक नया फंड भी बनाया गया है, जिसका नाम है छत्तीसगढ़ राज्य खनिज अन्वेषण न्यास-2025। इसमें रॉयल्टी का 2 प्रतिशत जमा होगा, जिससे हर साल करीब 5.25 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है।
पंचायतों को भी मिलेगा हिस्सा
अब खनिज से मिलने वाले राजस्व में जिला पंचायतों को भी हिस्सा मिलेगा, ताकि गांव और जिलों का विकास और बेहतर हो सके।
बंद खदानों पर भी सख्ती
सरकार ने यह भी तय किया है कि अगर कोई खदान लंबे समय से बंद है या सही तरीके से काम नहीं कर रही है, तो उसे वापस लेकर दोबारा नीलामी में दिया जाएगा।
सरकार का कहना है कि इन सख्त नियमों से अवैध खनन पर रोक लगेगी, राजस्व बढ़ेगा और खनिज संसाधनों का सही तरीके से उपयोग हो सकेगा।