दुर्ग में विधवा शिक्षिका से शादी और ट्रांसफर का झांसा देकर 5 लाख 90 हजार रुपए की ठगी का मामला सामने आया

Chhattisgarh Crimesदुर्ग में विधवा शिक्षिका से शादी और ट्रांसफर का झांसा देकर 5 लाख 90 हजार रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर सिटी कोतवाली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

आरोपी की पहचान रायपुर निवासी अर्जुन कसेर के रूप में हुई है। उसने खुद को सिंचाई विभाग में क्लर्क बताकर शिक्षिका को अपने जाल में फंसाया और पैसे ठग लिए।

पुलिस के मुताबिक, दुर्ग जिले की सरकारी प्राथमिक स्कूल की शिक्षिका के पति का अक्टूबर 2024 में निधन हो चुका है। वे अपनी सास और दो बच्चों के साथ रहती है। शिकायत में शिक्षिका ने बताया कि 23 मई 2026 को उनकी पहचान जीवनसाथी ऐप के जरिए अर्जुन कसेर से हुई थी।

बातचीत के दौरान अर्जुन ने खुद को तलाकशुदा बताया और दूसरी शादी की इच्छा जताई। उसने शिक्षिका से शादी का प्रस्ताव रखा, लेकिन सुषमा ने पारिवारिक जिम्मेदारियों और पढ़ाई का हवाला देकर फिलहाल शादी से इनकार कर दिया।

सिंचाई विभाग में क्लर्क होने की दी जानकारी

इसके बाद भी आरोपी लगातार संपर्क में रहा। उसने दावा किया कि वह सिंचाई विभाग में क्लर्क है और उसकी पहुंच बड़े अधिकारियों तक है। आरोपी ने शिक्षिका से कहा कि वह उनका ट्रांसफर धमधा क्षेत्र से रायपुर के आसपास करवा सकता है।

उसने बताया कि इसके लिए 7 लाख रुपए खर्च होंगे और वह खुद 1 लाख रुपए लगाएगा, जबकि शिक्षिका को 6 लाख रुपए देने होंगे। आरोपी ने यह भी भरोसा दिलाया कि ट्रांसफर होने के बाद दोनों शादी कर एक साथ रायपुर में रहेंगे। शादी और ट्रांसफर के भरोसे में आकर शिक्षिका तैयार हो गई।

शिक्षिका ने पर्सनल लोन लेकर दिए थे पैसे

शिक्षिका ने 29 मई 2026 को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की मालवीय नगर शाखा से 6 लाख रुपए का पर्सनल लोन लिया। उसी दिन उन्होंने 90 हजार रुपए फोनपे के जरिए आरोपी के मोबाइल नंबर पर ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद आरोपी ने बाकी रकम जल्द देने का दबाव बनाया। अगले दिन 30 मई को शिक्षिका रायपुर पहुंची।

आरोपी ने उन्हें तेलीबांधा थाना के पास बुलाया। वहां मिलने के बाद उसने कहा कि खुले में पैसे लेना सुरक्षित नहीं है और उन्हें अपने परिचित के एक रेस्टोरेंट में ले गया। वहां शिक्षिका ने अपने बैग में रखे 5 लाख रुपए उसे सौंप दिए।

महिला की ही गाड़ी लेकर पैसे देने गया आरोपी

महिला का आरोप है कि आरोपी रकम लेने के बाद उसकी एक्टिवा लेकर चला गया और करीब एक घंटे बाद वापस लौटा। उसने दावा किया कि वह अधिकारियों को पैसे देकर आया है और जल्द ही ट्रांसफर आदेश जारी हो जाएगा। इसके बाद उसने शिक्षिका को घर लौट जाने को कहा।

कुछ दिन बाद शिक्षिका ने आरोपी से तलाक के दस्तावेज और नौकरी से जुड़े कागजात मांगे। लेकिन वह लगातार बहाने बनाता रहा। कभी बेटी की तबीयत खराब होने की बात कही तो कभी दस्तावेज पिता के पास होने का दावा किया।

शिक्षिका ने दस्तावेज मांगे तो बनाने लगा बहाने

बार-बार टालमटोल करने पर शिक्षिका को शक हुआ। उन्होंने 4 जून को आरोपी से फोन पर बात कर अपने पैसे वापस मांगे। साथ ही शादी और ट्रांसफर की बात खत्म करने की जानकारी दी। आरोप है कि इसके बाद भी अर्जुन कसेर पैसे लौटाने के नाम पर केवल आज-कल करता रहा और रकम वापस नहीं की।

खुद को ठगा महसूस करने के बाद शिक्षिका ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दी। शिकायत में उन्होंने ऑनलाइन ट्रांजैक्शन की रसीद, बैंक लोन के दस्तावेज और बातचीत की रिकॉर्डिंग भी सौंपी है।

पुलिस ने शिकायत की जांच के बाद आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4) के तहत धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर लिया है। पुलिस अब आरोपी की तलाश कर रही है और मामले की जांच की जा रही है।

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