
जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब 5 लाख 47 हजार 900 रुपए बताई गई है। मामले में NDPS एक्ट की धारा 20(ख) के तहत दो अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए गए हैं। वहीं, एक अन्य फरार आरोपी की तलाश जारी है।
पुलिस के मुताबिक, मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम जिया निवासी चंद्रशेखर चक्रधारी अपने ईंट भट्ठे में बनी झोपड़ी में गांजा रखकर बेच रहा है। इसी तरह ग्राम कुसमी (बहेरा) निवासी पवन पाठक के घर में भी गांजा रखकर बिक्री किए जाने की सूचना मिली थी।
सूचना के आधार पर पुलिस ने दोनों स्थानों पर अलग-अलग टीमें भेजकर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान चंद्रशेखर चक्रधारी और पवन पाठक को गांजा रखने और बिक्री करने के मामले में पकड़ा गया।
पूछताछ में सामने आया तीसरे आरोपी का नाम
पुलिस के अनुसार, चंद्रशेखर चक्रधारी से पूछताछ के दौरान उसके रिश्तेदार राजेंद्र उर्फ मोनू चक्रधारी का नाम सामने आया। आरोपी ने बताया कि राजेंद्र एक अन्य व्यक्ति के साथ कार से आया था और पवन पाठक को गांजे के चार पैकेट बेचकर गया था।
इसके बाद पुलिस ने राजेंद्र उर्फ मोनू चक्रधारी को भी गिरफ्तार कर लिया। मामले में एक अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आने के बाद पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
10 किलो 930 ग्राम गांजा और मोबाइल जब्त
पुलिस ने चंद्रशेखर चक्रधारी के कब्जे से 7 किलो 492 ग्राम गांजा बरामद किया, जिसकी कीमत करीब 3 लाख 70 हजार रुपए बताई गई है। वहीं, पवन पाठक के कब्जे से 3 किलो 438 ग्राम गांजा मिला, जिसकी कीमत करीब 1 लाख 71 हजार 900 रुपए आंकी गई है।
इसके अलावा राजेंद्र उर्फ मोनू चक्रधारी से करीब 6 हजार रुपए कीमत का एक मोबाइल जब्त किया गया। इस तरह जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब 5 लाख 47 हजार 900 रुपए बताई गई है।
तीनों आरोपी गिरफ्तार, फरार की तलाश जारी
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान चंद्रशेखर चक्रधारी (59), निवासी ग्राम जिया; पवन पाठक (55), निवासी कुसमी (बहेरा), जिला बेमेतरा; और राजेंद्र उर्फ मोनू चक्रधारी (40), निवासी बटंग, थाना अमलेश्वर, जिला दुर्ग के रूप में की है।
यह कार्रवाई सिटी कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक सोनल ग्वाला और साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक मयंक मिश्रा के नेतृत्व में की गई। पुलिस ने बताया कि दोनों मामलों में आगे की जांच जारी है और फरार आरोपी की तलाश की जा रही है।