छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला में बिजली की अघोषित कटौती से लोग परेशान हैं, लेकिन इसका सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ रहा

Chhattisgarh Crimesछत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला में बिजली की अघोषित कटौती से लोग परेशान हैं, लेकिन इसका सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ रहा है। ऐसे में झलमला व आसपास क्षेत्र के किसान इसका विरोध करने बिजली विभाग पहुंचे, जहां उन्होंने ईई के को आवेदन सौंपकर जल्द ही व्यवस्था सुधारने की मांग की है। किसान नेता लल्लू सिंह के नेतृत्व में ग्रामीण व युवा कांग्रेस के पदाधिकारी कार्यकर्ता बिजली विभाग पहुंचे थे। जहां उनके द्वारा सौंपे गए आवेदन में उन्होंने बताया कि झलमला सब स्टेशन के 16 गांव के उपभोक्ता बिजली की अघोषित कटौती से वे काफी परेशान हैं।

किसानों को अभी के समय में अपनी फसल बचाने के लिए सबसे अधिक बिजली की जरूरत होती है, क्योंकि बिजली नहीं होने से खेतों में पानी नहीं जा पाता है, लेकिन आए दिन बिजली गुल के कारण किसानों की समस्याएं बढ़ गई है। इसके अलावा दैनिक जीवन के कई काम भी अघोषित कटौती के कारण प्रभावित हो रहे हैं।

उग्र आंदोलन की चेतावनी किसान नेता ने अपने आवेदन में बताया कि कई दफे कहने के बाद भी नेतनागर में ट्रांसफार्मर नहीं लगाया जा सका है। साथ ही बिंजकोट गांव में भी यही स्थिति बनी हुई है।

प्रदर्शनकारियों ने बिजली विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर जल्द ही व्यवस्था सुधारने की मांग की है, नहीं उग्र आंदोलन किए जाने का अल्टीमेटम दिया गया है।

16 गांव के लोग हो रहे परेशान इस संबंध में किसान नेता लल्लू सिंह ने बताया कि बिजली की समस्या से झलमला, मिडमिडा, मालदा, डुमरमुडा, दर्रमुड़ा, गुड़गहन, केशला, नवापली, बोर्डीही, बिंजकोट, धनुवाडेरा, एकताल, बड़मल, रेंगालपाली, नेतानगर व भाठनपाली गांव के लोग परेशान हैं।

अघोषित कटौती से खेतों को पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिल रहा है, तो पूरे क्षेत्रवासियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। जिसे देखते हुए विभागीय अधिकारी को आवेदन सौंपा गया है।

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