महासमुंद और गरियाबंद जिलों में स्मार्ट मीटर से बिजली कनेक्शन कटने के बाद भी 78 उपभोक्ता चोरी-छिपे बिजली का इस्तेमाल करते पकड़े गए

Chhattisgarh Crimesमहासमुंद और गरियाबंद जिलों में स्मार्ट मीटर से बिजली कनेक्शन कटने के बाद भी 78 उपभोक्ता चोरी-छिपे बिजली का इस्तेमाल करते पकड़े गए हैं। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) के महासमुंद वृत्त ने विशेष जांच अभियान चलाकर इन मामलों का पता लगाया। उपभोक्ता बाईपास या एलटी लाइन से हुकिंग कर बिजली का इस्तेमाल कर रहे थे। विभाग ने ऐसे उपभोक्ताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी की है।

विभाग की 27 टीमों ने महासमुंद, पिथौरा, सरायपाली और गरियाबंद संभागों में स्मार्ट मीटर से काटे गए 195 बिजली कनेक्शनों की जांच की। इस दौरान 78 उपभोक्ता बिना वैध कनेक्शन के बिजली का इस्तेमाल करते मिले। इनमें महासमुंद जिले के 69 और गरियाबंद जिले के 9 मामले शामिल हैं।

बकाया बिल जमा नहीं करने पर काटे जाते हैं कनेक्शन

बिजली बिल का भुगतान नहीं करने पर स्मार्ट मीटर के जरिए कनेक्शन रिमोट से काट दिए जाते हैं। इसके बाद विभाग जांच करता है कि उपभोक्ता बिजली का इस्तेमाल बंद कर चुके हैं या नहीं। इसी जांच के दौरान कई उपभोक्ता कनेक्शन कटने के बाद भी बाईपास या हुकिंग के जरिए बिजली का उपयोग करते मिले।

बिजली चोरी पर एफआईआर और वसूली की कार्रवाई

विभाग के मुताबिक, कनेक्शन कटने के बाद गलत तरीके से बिजली का इस्तेमाल करना अपराध है। ऐसे उपभोक्ताओं से बकाया बिल और चोरी की गई बिजली की राशि वसूल की जाएगी। साथ ही, विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 135 और 138 के तहत एफआईआर दर्ज कर मामले विशेष न्यायालय में पेश किए जाएंगे।

16 अक्टूबर को 2,559 बकायादारों के कनेक्शन काटे

महासमुंद वृत्त में 16 अक्टूबर को बकाया बिल जमा नहीं करने वाले 2,559 स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन रिमोट के जरिए काटे गए। विभाग अगले महीने इन कनेक्शनों की दोबारा जांच करेगा। इस दौरान कोई उपभोक्ता बाईपास या हुकिंग से बिजली का इस्तेमाल करता मिला तो उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

कनेक्शन काटने से पहले मोबाइल पर भेजा जा रहा संदेश

विभाग स्मार्ट मीटर से कनेक्शन काटने से पहले बकायादार उपभोक्ताओं के मोबाइल पर संदेश भेजकर बिजली बिल जमा करने की सूचना दे रहा है। विभाग का कहना है कि इसका सकारात्मक असर हुआ है। संदेश मिलने के बाद कई उपभोक्ता तत्काल बकाया बिल जमा कर रहे हैं, जिससे उनका कनेक्शन कटने से बच रहा है।

हालांकि, सूचना मिलने के बाद भी भुगतान नहीं करने वाले उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे जा रहे हैं। कनेक्शन कटने के बाद भी अनधिकृत रूप से बिजली का इस्तेमाल करने वालों की निगरानी और जांच जारी रहेगी।

31 मार्च 2028 तक चलेगा विशेष अभियान

महासमुंद वृत्त के मुताबिक, स्मार्ट मीटर से काटे गए कनेक्शनों की निगरानी और जांच का विशेष अभियान 31 मार्च 2028 तक जारी रहेगा। इसका उद्देश्य बिजली चोरी और अनधिकृत इस्तेमाल पर रोक लगाना और बिजली बिल की बकाया राशि वसूलना है।

समाधान योजना का लाभ लेने की अपील

विद्युत विभाग ने महासमुंद और गरियाबंद जिले के घरेलू, कृषि पंप और बीपीएल श्रेणी के उपभोक्ताओं से छत्तीसगढ़ शासन की समाधान योजना का लाभ लेने की अपील की है।

विभाग ने कहा है कि पात्र उपभोक्ता योजना के तहत मिलने वाले लाभ का उपयोग कर अपने बकाया बिजली बिल जमा करें। साथ ही, केवल वैध बिजली कनेक्शन से ही बिजली का इस्तेमाल करें। कनेक्शन कटने के बाद किसी भी तरीके से बिजली का अनधिकृत इस्तेमाल करने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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