
निरीक्षण के दौरान प्रमुख सचिव ने डिपो में चार्जिंग स्टेशन, बिजली व्यवस्था, भवन की पुताई और परिसर से जुड़े बाकी कामों की जानकारी ली। उन्होंने इन कामों को तय समय में पूरा करने पर जोर दिया। साथ ही अधिकारियों से कहा कि निर्माण कार्यों की नियमित समीक्षा करें और जहां काम बाकी है, वहां तेजी लाएं। डिपो में बसों के संचालन के लिए जरूरी सुविधाएं तैयार रखने के निर्देश भी दिए गए।
पहले चरण में 20 बसें चलाने की तैयारी दुर्ग-भिलाई में कुल 50 सिटी ई-बसें चलाने की योजना है। इसके तहत पहले चरण में 20 बसें शुरू करने की तैयारी की जा रही है। बताया जा रहा है कि नवंबर 2026 से बसों का संचालन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, सेवा शुरू होने की अंतिम तारीख और बसों की समय-सारणी को लेकर आधिकारिक घोषणा का इंतजार है। यह योजना केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत लाई जा रही है।
डिपो में चार्जिंग और बिजली व्यवस्था अहम ई-बसों के नियमित संचालन के लिए डिपो में चार्जिंग स्टेशन और बिजली की व्यवस्था को लेकर भी सचिव ने जरूरी निर्देश दिए हैं। बसों को चार्ज करने, खड़ा करने और रखरखाव के लिए परिसर में जरूरी सुविधाएं तैयार करनी होंगी। इसी वजह से प्रमुख सचिव ने इन कामों को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। डिपो के बाकी काम पूरे होने के बाद बसों के संचालन की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा सकेगा।
दुर्ग से भिलाई समेत आसपास के इलाकों को जोड़ने की योजना प्रस्तावित योजना में दुर्ग और भिलाई के अलावा आसपास के क्षेत्रों को भी बस सेवा से जोड़ा जाएगा। दुर्ग बस स्टैंड से पावर हाउस बस स्टैंड और दुर्ग रेलवे स्टेशन से रायपुर बस स्टैंड सहित कई मार्गों पर बसें चलाने की योजना है। हालांकि, इन मार्गों के अंतिम निर्धारण, बीच के स्टॉपेज और बसों की संख्या को लेकर विस्तृत आधिकारिक सूची अभी सामने आना बाकी है।
बस सेवा शुरू होने के बाद यात्रियों को किन मार्गों पर सुविधा मिलेगी, किराया कितना होगा और बसें किस समय चलेंगी, इसकी जानकारी भी जल्द जारी की जाएगी। फिलहाल डिपो में बचे कामों को पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि तय लक्ष्य के अनुसार ई-बस सेवा शुरू की जा सके