
1 अक्टूबर 2026 के बताए जा रहे वायरल वीडियो में कलेक्टर संजय अग्रवाल शिक्षकों की कमी का हवाला देते हुए कहते सुनाई दे रहे हैं कि चार शिक्षकों को निलंबित करने पर उनकी जगह कहां से शिक्षक लाएंगे।
दूसरे स्कूलों से शिक्षक लाने पर वहां के बच्चे भी चक्काजाम करेंगे। वहीं, एडिशनल कलेक्टर शिव बनर्जी छात्राओं से कहते हैं कि उनकी ऊंची भाषा सही नहीं है और वे बाहर निकल जाएं।
प्रदर्शन के बाद जांच समिति बनाई गई। शिक्षा विभाग ने प्राचार्य समेत तीन शिक्षकों को हटाने के निर्देश दिए, लेकिन छात्राएं संतुष्ट नहीं हुईं। उन्होंने निलंबन और एफआईआर की मांग को लेकर 14 अक्टूबर को कलेक्ट्रेट में दोबारा प्रदर्शन किया।इसके बाद प्राचार्य कल्याण संघ शिक्षकों के समर्थन में आया और कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की। संघ का आरोप है कि छात्राओं को भड़काया जा रहा है।
एएफ प्रभारी शिक्षिका पर रिकॉर्ड और राशि में गड़बड़ी का आरोप
छात्राओं ने एएफ प्रभारी शिक्षिका संगीता यादव पर पिछले 3 साल का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराने और राशि के हिसाब में गड़बड़ी का आरोप लगाया है। छात्राओं का कहना है कि शिकायत करने पर प्रोजेक्ट के अंक काटने और परीक्षा में फेल करने की धमकी दी जाती है।
संस्कृत शिक्षक पर अभद्र भाषा और अश्लील टिप्पणी का आरोप
छात्राओं ने संस्कृत लैक्चरर संजय दुबे पर कक्षा में पढ़ाई के दौरान लापरवाही बरतने, अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने और अश्लील टिप्पणियां करने का आरोप लगाया है। उन्होंने शिक्षक की शैक्षणिक डिग्री और दस्तावेजों की वैधता की जांच कराने की भी मांग की।
गणित नहीं पढ़ाने और एक्सपायरी पैड बांटने की शिकायत
छात्राओं ने गणित व्याख्याता काजल सोन पर कक्षा 10वीं में गणित नहीं पढ़ाने और शासन की ओर से मिलने वाले नि:शुल्क सैनिटरी पैड के वितरण में अनियमितता का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि छात्राओं को एक्सपायरी पैड भी बांटे गए, जिससे एक छात्रा की तबीयत बिगड़ गई।