
जानकारी के मुताबिक, तिलगा निवासी दिनबंधु राठिया, बालाराम राठिया और बादपाली निवासी सरमू राठिया ने मिलकर तिलगा के जंगल में जंगली सुअर का शिकार किया था। शनिवार सुबह वे सुअर को दिनबंधु के घर ले आए। वहां मांस काटकर तौलने और बेचने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान मुखबिर से वन विभाग की उड़नदस्ता टीम को सूचना मिली।
रंगेहाथ पकड़े गए तीनों आरोपी
सूचना मिलते ही उड़नदस्ता के सहायक प्रभारी संदीप नामदेव, सोमेश टोप्पो, बोइरदादर परिसर रक्षक भूषण जांगड़े समेत अन्य वनकर्मी मौके पर पहुंचे। टीम ने तीनों आरोपियों को मांस काटते और तौलते हुए पकड़ लिया।
टीम ने करीब 30 किलो मांस, दो कुल्हाड़ी और तराजू जब्त कर रेंज कार्यालय पहुंचाया। आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया। इसके बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
लंबे समय से मिल रही थी शिकार की शिकायत
बताया जा रहा है कि तिलगा, बादपाली और आसपास के जंगलों में शिकारी सक्रिय थे। इस क्षेत्र में लंबे समय से जंगली सुअर के शिकार की शिकायतें मिल रही थीं। मुखबिर की सूचना पर वन विभाग की उड़नदस्ता टीम ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।
शिकारियों पर लगातार नजर रखी जा रही
रेंजर संजय लकड़ा ने बताया कि शिकारियों पर नजर रखी जा रही है। वन्यजीवों के शिकार की जानकारी मिलने पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। तिलगा और बादपाली के तीन आरोपियों को जंगली सुअर के शिकार के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। मामले में आगे की जांच जारी है।