
पूरन मेश्राम/गरियाबंद। उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के बफर एरिया में वन्य प्राणी के अवैध शिकार का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। वन विभाग की तौरेंगा बफर टीम ने गाजीमुड़ा सर्कल के गरीबा आरक्षित वन कक्ष क्रमांक 1200 में छापा मारकर दो मादा लंगूर बंदरों का शिकार करने वाले 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
उड़ीसा से आकर कर रहे थे शिकार
पकड़े गए आरोपी उड़ीसा के नवरंगपुर जिले के निवासी हैं। पूछताछ में पता चला है कि आरोपी जंगल में अवैध रूप से घुसकर लंगूरों का शिकार कर उनका मांस ले जा रहे थे। विभाग ने मौके से 13.800 किलोग्राम लंगूर (बंदर) का कच्चा मांस, शिकार में प्रयुक्त कुल्हाड़ी, 4 छुरी, टंगिया और घटना में प्रयुक्त मोटर साइकिल CG 04 MF 3970 को जप्त किया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान भूसा कौंद (50 वर्ष), बनवाली सांता (51 वर्ष) और सोलन्दर सांता (28 वर्ष), निवासी कपाटपानी, रायघर, नवरंगपुर (उड़ीसा) के रूप में हुई है।
टॉप अफसरों के निर्देश पर हुई कार्यवाही
यह पूरी कार्यवाही प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य प्राणी ओ.पी. यादव, मुख्य वन संरक्षक गुरुनाथन और उप निदेशक USTR वरुण जैन के दिशा निर्देशन में सहायक संचालक जे.पी. दर्रो के मार्गदर्शन में की गई। टीम का नेतृत्व परिक्षेत्र अधिकारी केजू राम कोरचे ने किया, जिसमें गौरी शंकर भोई, पुरुषोत्तम, उदेराम यादव और उड़ीसा पुलिस बल का विशेष सहयोग रहा।
वन विभाग ने आरोपियों के खिलाफ वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 9, 27, 29, 39, 50, 51, 52 के तहत अपराध क्रमांक P.O.R. 23/19 दर्ज किया है। तीनों आरोपियों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट गरियाबंद के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें 5 नवंबर तक 10 दिन की न्यायिक रिमांड पर जिला जेल भेज दिया गया है। इस मामले में 4 अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।