
इस फैसले से कुल 3,946 आवासधारियों को लाभ मिलने का अनुमान है। इनमें 1,158 आवास रिटेंशन और 2,788 आवास थर्ड पार्टी श्रेणी के हैं। अब दोनों श्रेणियों के लिए किराए की दर एक समान रहेगी। खासकर सेवानिवृत्त कर्मचारियों को इससे हर महीने होने वाले खर्च में बड़ी बचत होगी।
नई दर लागू होने से रिटेंशन श्रेणी के आवासों का किराया सबसे ज्यादा कम हुआ है। पहले इन आवासों के लिए 24 रुपए प्रति वर्गफीट प्रतिमाह देने पड़ते थे। अब यह घटकर 6 रुपए हो गया है। उदाहरण के तौर पर 500 वर्गफीट के मकान का किराया पहले 12 हजार रुपए प्रतिमाह था।
नई दर के हिसाब से अब इसके लिए केवल 3 हजार रुपए देने होंगे। यानी हर महीने 9 हजार रुपए और सालभर में 1 लाख 8 हजार रुपए की बचत होगी। वहीं, थर्ड पार्टी श्रेणी के आवासों का किराया पहले 8 रुपए प्रति वर्गफीट था। इसे घटाकर 6 रुपए कर दिया गया है। इस श्रेणी के आवासधारियों को अब हर महीने 25 प्रतिशत कम किराया देना होगा।
दोनों श्रेणियों के लिए एक समान दर
बीएसपी प्रबंधन के नगर सेवाएं विभाग ने 2 नवंबर को संशोधित किराया आदेश जारी किया है। इसके तहत रिटेंशन और थर्ड पार्टी श्रेणी के संबंधित आवासों के लिए 6 रुपए प्रति वर्गफीट प्रतिमाह की दर तय की गई है। यह व्यवस्था आगामी आदेश तक अंतरिम रूप से लागू रहेगी।
पहले जमा किए गए किराए का भी होगा हिसाब
संशोधित आदेश में नई किराया दर को पिछली अवधि से लागू करने का प्रावधान भी किया गया है। इसके तहत संबंधित अवधि के किराए की दोबारा गणना की जा सकेगी। जिन आवासधारियों ने पहले की दर से अधिक किराया जमा किया है, उनकी अतिरिक्त राशि का समायोजन किया जाएगा। हालांकि, इसके लिए संबंधित विभाग की ओर से प्रक्रिया और जरूरी निर्देश जारी किए जाएंगे।
सेवानिवृत्त कर्मचारियों को मिलेगी सबसे ज्यादा राहत
बीएसपी में लंबे समय तक काम करने के बाद सेवानिवृत्त हुए कई कर्मचारी आज भी टाउनशिप के आवासों में अपने परिवार के साथ रह रहे हैं। इनमें से बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है, जिनकी आय का मुख्य साधन पेंशन है।
किराए में बढ़ोतरी के कारण इन परिवारों पर हर महीने अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा था। नई दर लागू होने से इन परिवारों के मासिक खर्च में कमी आएगी। साथ ही थर्ड पार्टी श्रेणी के आवासधारियों को भी पहले की तुलना में कम किराया देना होगा। इससे टाउनशिप में रहने वाले हजारों परिवारों को राहत मिलेगी।