दिवाली की सजावट के लिए बाजारों में रंग-बिरंगी झालरें और लाइटें तो दिखाई दे रही हैं, लेकिन त्योहार की असली रौनक फूलों से भी बढ़ रही

Chhattisgarh Crimesदिवाली की सजावट के लिए बाजारों में रंग-बिरंगी झालरें और लाइटें तो दिखाई दे रही हैं, लेकिन त्योहार की असली रौनक फूलों से भी बढ़ रही है। घरों के दरवाजों से लेकर पूजा स्थल और मंदिरों तक फूलों की मांग है।

इसी मांग को पूरा करने के लिए राजधानी रायपुर के फूल चौक में इस बार बड़ी मात्रा में फूलों की खेप पहुंची है। बाजार में 18 ट्रकों में करीब 1500 क्विंटल फूल बिकने के लिए आए हैं। इनमें 15 ट्रक गेंदे के फूल हैं।

जबकि 3 ट्रक में सेवंती, गुलाब और दूसरी किस्मों के फूल शामिल हैं। बाजार में सबसे ज्यादा मांग गेंदे के फूल की है, इसके बाद कमल के फूल खरीदे जा रहे हैं। ज्यादातर फूल कोलकाता और बेंगलुरु से मंगाए गए हैं।

वहीं कमल के फूल की सप्लाई छत्तीसगढ़ के अलग-अलग इलाकों से हो रही है। दिवाली की खरीदी के चलते फूल चौक में सुबह से ही ग्राहकों की आवाजाही बनी हुई है।दुकानों पर गेंदे की लड़ी, खुले फूल और अलग-अलग किस्मों के फूल सजे हैं। कोई घर के दरवाजे और आंगन को सजाने के लिए गेंदे की माला खरीद रहा है तो कोई पूजा के लिए कमल और दूसरे फूल तलाश रहा है।

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