
महापौर पर लगाया कमीशनबाजी का आरोप भिलाई भाजपा जिला अध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन ने कहा कि नेताओं ने मंच पर भिलाई चरोदा निगम के महापौर निर्मल कोसरे पर भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के टेंडर में अनियमितता की जा रही है। गुणवत्ता से समझौता कर काम किए जा रहे हैं और कई मामलों में काम पूरा होने से पहले ही भुगतान कर दिया गया। बीजेपी ने ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। भाजपा ने निगम क्षेत्र में पेयजल संकट का स्थायी समाधान करने, डबरापारा (भिलाई-3) से चरोदा तक स्वीकृत केनाल रोड का निर्माण जल्द शुरू कराने और स्वीकृत राशि के उपयोग की जांच की भी मांग की। पार्टी का कहना है कि सड़क, नाली, स्ट्रीट लाइट और सफाई जैसे कई जरूरी काम लंबे समय से अधूरे हैं, जिससे आम लोगों को परेशानी हो रही है।
भ्रष्टाचार में शामिल अधिकारियों पर भी कार्रवाई की मांग दुर्ग जिला प्रभारी रामजी भारती ने कहा कि सभी सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी राजनीतिक भेदभाव के पात्र लोगों तक पहुंचाने, निगम की आय-व्यय और विकास कार्यों का सोशल ऑडिट कराने तथा सभी रिकॉर्ड सार्वजनिक की जाए। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार में शामिल अधिकारी, कर्मचारी और अन्य जिम्मेदार लोगों पर सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। विकास कार्य समय पर पूरा नहीं करने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया जाए और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई हो।
कब्जा और अवैध प्लाटिंग की भी जांच करने की मांग भाजपा ने सिंचाई विभाग की जमीन पर कथित अवैध कब्जा और प्लॉटिंग के मामले की भी जांच कराने की मांग की। पार्टी का कहना है कि विश्व बैंक कॉलोनी भिलाई-3 से उमदा मुक्तिधाम तक सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे हुए हैं और इस मामले में जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों, कब्जाधारियों और भू-माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। भाजपा ने स्वास्थ्य विभाग और सफाई व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। ज्ञापन में कहा गया कि हर वार्ड में पांच सफाई कर्मचारियों की व्यवस्था है, लेकिन मौके पर दो या तीन कर्मचारी ही काम करते दिखाई देते हैं। बाकी कर्मचारी सिर्फ रिकॉर्ड में दर्ज हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। पार्टी ने इस मामले की जांच कर दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की।