
पुलिस के अनुसार, पीड़िता के मामा ने रघुनाथनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी नाबालिग भांजी पिछले तीन-चार वर्षों से उनके घर रहकर पढ़ाई कर रही थी। 26 जून की रात करीब 12 से 1:30 बजे के बीच वह अचानक घर से लापता हो गई। परिजनों ने रिश्तेदारों और आसपास के क्षेत्रों में तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 70/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2) के तहत जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि नाबालिग उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के बीजपुर क्षेत्र में है। पुलिस टीम ने 28 जून को वहां पहुंचकर पीड़िता को सकुशल बरामद किया और उसे वापस बलरामपुर लाया।
कोर्ट में बयान के बाद बढ़ीं धाराएं
माननीय न्यायालय में दर्ज बयान में पीड़िता ने बीजपुर निवासी अभिषेक उरांव पर अपने साथ गलत काम करने का आरोप लगाया। बयान के आधार पर पुलिस ने प्रकरण में दुष्कर्म सहित अन्य संबंधित धाराएं जोड़ दीं।
आरोपी गिरफ्तार, भेजा गया जेल
पुलिस ने 30 जून को बीजपुर निवासी अभिषेक उरांव (18 साल 25 दिन) को उसके घर से गिरफ्तार किया। पूछताछ और सबूतों के आधार पर आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है और प्रकरण के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।