
बता दें कि नकटी गांव में सोमवार को विधायक कॉलोनी बनाने नकटी गांव में 80 घरों पर बुलडोजर चला दिया गया। अब इसके विरोध में बुधवार को प्रभावितों ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया। उनका कहना है कि प्रशासन ने घर दिए हैं, जिनमें किसी तरह की सुविधाएं नहीं हैं। घर इतने छोटे हैं कि उसमें परिवार का रह पाना संभव नहीं है।
ग्रामीणों के इस प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस फोर्स लगाई गई थी। पुलिस ने कलेक्ट्रेट में बैरिकेडिंग कर ग्रामीणों को रोकने की कोशिश की और उन्हें समझाइश दी, लेकिन फिर भी वे डटे रहे। इस प्रदर्शन में रायपुर जिला कांग्रेस के नेता भी मौजूद रहे।
वहीं, कांग्रेस विधायक जनकराम ध्रुव और चातुरीनंद के बाद कविता लहरे ने भी नकटी गांव विस्थापन के विरोध में मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। विधायक चातुरीनंद ने कहा कि हम जनता के सिर पर छत देने के लिए चुने गए हैं, छीनने के लिए नहीं। गरीबों का घर उजाड़कर ऐसा विधायक आवास बिल्कुल नहीं चाहिए।